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नेपानगर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस की भारती पाटिल जीतीं, भाजपा को क्रास वोटिंग ले डूबी

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 बुरहानपुर
 नगर पालिका नेपानगर के अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को आइटीआइ कालेज परिसर में मतदान कराया गया। इसमें कांग्रेस की भारती पाटिल ने भाजपा प्रत्याशी मीना चौहान को करारी शिकस्त देते हुए अध्यक्ष पद हासिल कर लिया। यह कुर्सी भाजपा और कांग्रेस दोनाें के लिए इस बार प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी हुई थी। दोनों दलों के बीच मुकाबला भी बराबरी का था। कांग्रेस के 12 पार्षद जीते थे, जबकि भाजपा के 10 पार्षद जीते थे। दो निर्दलीय पार्षदों ने भी भाजपा को समर्थन दे दिया था, जिसके बाद दोनों के पाास 12-12 पार्षद हो गए थे। बावजूद इसके कांग्रेस की भारती पाटिल को मतगणना में 15 वोट मिले, जबकि भाजपा की मीना चौहान को सिर्फ 9 वोट मिले। इस तरह छह वोट से जीत दर्ज कर कांग्रेस ने नगर पालिका पर कब्जा कर लिया।

भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज लधवे सहित अन्य नेता बीते चुनावाें में जीत का श्रेय माइक्रो मैनेजमेंट को देते आए हैं। इस बार उनका माइक्रो मैनेजमेंट न सिर्फ फेल हो गया, बल्कि वे क्रास वोटिंग भी नहीं रोक पाए। अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया गया, जिसमें निर्दलीय पार्षद सरला काटकर निर्विरोध जीतीं। उनके अलावा किसी अन्य पार्षद ने इस पद के लिए आवेदन नहीं दिया था।

निष्कासन रद करने का दांव भी फेल – नगर पालिका नेपानगर में अपनी पार्टी का अध्यक्ष बनाने के लिए भाजपा हर तरह से प्रयास कर रही थी। मतदान शुरू होने तक अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नाम उजागर नहीं किया गया था। इसके साथ ही मतदान से पहले शनिवार सुबह भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज लधवे ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव जीतने वाली सरला काटकर और उनके पति प्रवीण काटकर का निष्कासन रद कर वापस पार्टी में शामिल कर लिया था। भाजपा का यह दांव भी काम नहीं आया। ज्ञात हो कि चुनाव के दौरान सरला काटकर द्वारा आवेदन वापस नहीं लेने पर दोनों को भाजपा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। साथ ही प्रवीण काटकर से सांसद प्रतिनिधि पद भी वापस ले लिया गया था। इससे प्रवीण काटकर संगठन से खासे नाराज चल रहे थे।

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