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11 बार ऊं श्री चित्रगुप्ताय नमः लिखकर अभिषेक निगम ने घर पर चित्रगुप्त की पूजा की

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अमरपाटन
मैहर मार्ग स्थित अभय आश्रम के पास अभिषेक निगम ने घर मे  भगवान श्री चित्रगुप्त महाराज की पूजा कर वंदन – आरती के  साथ पूजा सम्पन्न की।  अभिषेक निगम ने बताया कि दीपावली  से लेकर भाईदूज तक पैन, पेंसिल का प्रयोग करके कुछ भी नही लिखा जाता है। यहां तक कि पूरे कायस्थ समाज के द्वारा एक शब्द भी नही लिखा जाता है। जब तक भगवान  चित्रगुप्त महाराज की पूजा न की जाएगी।  

भगवान चित्रगुप्त महाराज की पूजा के दिन एक सफेद कागज पर श्री गणेशाय नम: के बाद 11 बार ऊं श्री  चित्रगुप्ताय नमः लिखकर पूजन स्थल के पास रख दिया जाता है। इसके अलावा ऊं नम: शिवाय और लक्ष्‍मी माता जी सदा सहाय भी लिखा जाता है। साथ ही कागज पर स्‍वास्‍तिक बनाकर बुद्धि, विद्या और लेखन का अशीर्वाद मांगा जाता है। कायस्थ समाज के लोगों को भगवान चित्रगुप्त का वंशज माना जाता है। इसी वजह से कायस्थ परिवार के लोग भगवान चित्रगुप्त जी का पूजन और उनके साथ कलम का पूजन इस दिन विशेष रूप से करते हैं।

भगवान चित्रगुप्त महाराज का वर्णन पद्य पुराण, स्कन्द पुराण, ब्रह्मपुराण, यमसंहिता और याज्ञवलक्य स्मृति सहित कई ग्रंथों में किया गया है। लेखन कार्य से भगवान चित्रगुप्त महाराज का जुड़ाव होने की वजह  इस दिन कलम, दवात और बहीखातों की भी पूजा की जाती है।

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