Site icon

108 का हुआ डीजल खत्म, रास्ते में टॉर्च की रोशनी में कराया प्रसव

7-67.jpg

पन्ना

मध्यप्रदेश सरकार हर साल स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए लाखों रुपये के बजट की घोषणा करती है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं किस हद तक खराब हैं, इसकी तस्वीरें रोज प्रदेश के किसी न किसी जिले में नजर आ ही जाती हैं। हाल ही में पन्ना जिले में भी बदहाल स्वास्थ्य सेवा का एक नजारा देखने को मिला, जहां एक गर्भवती महिला का टॉर्च की रोशनी में प्रसव कराया गया।

जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के बनौली में एक गर्भवती महिला को प्रसव वेदना होने पर उसके परिजनों ने एंबुलेंस को बुलाया था, एंबुलेंस गर्भवती को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुई तो रास्ते में वाहन का डीजल खत्म हो गया। मजबूरी में परिवार को गर्भवती महिला की बीच रास्ते में ही टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी करानी पड़ी।

दरअसल बनौली गांव निवासी रेश्मा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाया था। एंबुलेंस गांव पहुंची और महिला शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए लेकर रवाना हुई, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में डीजल खत्म हो गया और एंबुलेंस एक सुनसान सड़क पर बंद हो गई। रास्ते में मदद के लिए भी कोई नहीं था, मजबूरी में रेशमा ने टॉर्च की रोशनी में बच्चे को जन्म दिया।

प्रदेश में हर दिन बदहाल स्वास्थ्य सेवा के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ वक्त पहले छतरपुर में एक बच्ची की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली थी, जिसके बाद उसका मामा उसे गोद में लेकर रास्ते में मदद के लिए भटकता रहा, बाद में बस से किसी तरह शव को गांव लेकर पहुंचा था, वहीं सिंगरौली में भी इसी तरह का मामला देखने मिला था, जहां एक पिता, नवजात बच्चे के शव को बाइक की डिक्की में रखकर गांव ले गया था, बच्चे का शव घर ले जाने के लिए परिजनों को शव वाहन नहीं मिला था।

Exit mobile version