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छात्रा ने FB पर साझा किया दर्द: शिक्षकों पर लगाया यौन शोषण का आरोप, बोली- शौक है रावण बनने का तो हश्र याद रहे

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गोरखपुर जिले में एक ऐसी घटना समाने आई है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी की एक कथित पूर्व छात्रा ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट को देखने के बाद पूरे विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। उसने विधि विभाग के तीन शिक्षकों पर शारीरिक शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप यह भी है कि विभाग में छात्राओं का शारीरिक शोषण करने वाला एक रैकेट सक्रिय है। हालांकि, छात्रा की फेसबुक आईडी सही है या फर्जी, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन, आरोपों को लेकर विश्वविद्यालय में चर्चाएं जोरों पर हैं। जिन शिक्षकों पर आरोप लगे हैं, उन्होंने अभी तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।

2021 में पूरी की है एलएलबी की पढ़ाई

सोशल मीडिया पर जिस छात्रा ने आरोप लगाया है, वह गोरखपुर शहर की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि उसने वर्ष 2021 एलएलबी की पढ़ाई पूरी की है। सात मई को छात्रा ने फेसबुक पर पहले शेर के जरिये अपने आरोपों के बारे में संकेत दिए। इसके बाद लगातार अपनी बेबसी और लाचारी को व्यक्त किया। फिर 17 मई 2023 को छात्रा ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर की फोटो पोस्ट कर आरोप लगाया कि नाम गलत, उम्र फर्जी और डिग्री गलत। इसके बाद छात्रा ने कई पोस्ट साझा करके और गंभीर आरोप लगाए।

छात्राओं को किया जा रहा ब्लैकमेल
21 मई को छात्रा ने पोस्ट कर लिखा कि ‘विभाग की लड़कियों को जाल में फंसा रहे हैं और सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं। वीडियो लिंक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस बार आप सही इंसान से खेले हैं। बहुत शौक है न रावण बनने का तो रावण का हश्र भी याद रखिएगा…।’ साथ ही छात्रा ने शहर के होटल का नाम लिखकर बनाए गए वीडियो का भी हवाला दिया है।

22 मई को छात्रों ने अपने पोस्ट में एक छात्रा के साथ हुए शारीरिक शोषण का जिक्र किया है। सोमवार को शिक्षकों और कर्मचारियों के व्हाट्सएप पर संदेश आते रहे। यह पूरा प्रकरण अभी जांच का विषय है, इसलिए किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

प्रोफेसर ने दी सफाई

आरोपों से घिरे से एक प्रोफेसर ने अपनी सफाई में कहा है कि एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई है। चरित्र ही उनकी पूंजी है, लेकिन हनन करने के इस प्रयास से समझौता नहीं कर सकते हैं। जिस छात्रा ने आरोप लगाए हैं उसे मैं व्यक्तिगत रूप से जानता-पहचानता नहीं हूं।

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