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3 गुना अधिक मिल्क पाउडर बनाएगा इंदौर दुग्ध संघ

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आज हुआ ड्राइंग चेम्बर का इन्सटॉलेशन
सरप्लस दूध की अधिक खपत होने से पशुपालकों की आय में होगी वृद्धि

भोपाल

इंदौर दुग्ध संघ द्वारा परिसर में प्रदेश का सबसे बड़ा 30 एमटीपीडी क्षमता का नवीन दुग्ध चूर्ण (मिल्क पाउडर) संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। लगभग 77 करोड़ रूपये से स्थापित होने वाले प्रदेश के इस सबसे बड़े संयंत्र में आज सबसे महत्वपूर्ण भाग ड्राइंग चेम्बर की स्थापना अत्यंत सावधानी और सुरक्षा के साथ सफलतापूर्वक की गई। संयंत्र स्थापना का लगभग 27 करोड़ रूपये दुग्ध संघ स्वयं के स्त्रोत से और 50 करोड़ रूपये राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से जीका परियोजना के ऋण से किया जा रहा है।

इंदौर दुग्ध संघ द्वारा वर्ष 1982 से 10 एमटीपीडी क्षमता के दुग्ध चूर्ण संयंत्र द्वारा मिल्क पाउडर का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान संयंत्र से एक किलो मिल्क पाउडर की लागत 28 से 30 रूपये प्रति किलोग्राम आती है। वहीं विश्व स्तरीय कंपनी टेट्रापेक के इस नवीन संयंत्र की स्थापना से यह लागत मात्र 15 से 18 रूपये प्रति किलोग्राम तक कम हो जाएगी, साथ ही मिल्क पाउडर की गुणवत्ता और बेहतर हो जाएगी।

पशुपालन मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि इंदौर दुग्ध संघ के इस संयंत्र में मध्यप्रदेश डेयरी फेडरेशन के अन्य दुग्ध संघों के सरप्लस मिल्क (अतिरिक्त दुग्ध) से भी न्यूनतम लागत के गुणवत्तायुक्त दुग्ध चूर्ण का उत्पादन हो सकेगा। पशुपालकों को इससे अतिरिक्त लाभ मिलेगा। किसानों से अधिक दूध खरीदा जाकर उन्हें उसका उचित दाम मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।

 

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