531 हेक्टेयर कृषि रकबे की बढ़ोत्तरी व 530 किसानों को मिला सीधा लाभ
महासमुंद 01 सितम्बर 2023
वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत ने बताया कि वर्ष 2019-20 में 8 नालों का चयन कर लगभग 8137 हेक्टेयर भूमि को उपचारित करने के लिए 35182 से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया गया। इसी तरह वर्ष 2020-21 में 16 नालों का चयन कर 15955 हेक्टेयर भूमि के उपचार के लिए एक लाख 94 हजार 216 से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया गया। वर्ष 2021-22 में 11 नालों का चयन कर 12125 हेक्टेयर भूमि के उपचार के लिए एक लाख 33 हजार 695 से अधिक भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2022-23 में 9 नालों का चयन कर 6083 हेक्टेयर से अधिक भूमि के उपचार के लिए 49 हजार 335 से अधिक संरचनाओं का निर्माण जारी है। इससे कुल 531 हेक्टेयर कृषि रकबे की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे 530 किसानों को सीधा लाभ मिला है। जिन प्रमुख नालों में नरवा विकास के तहत कार्य किए गए है उनमें सरायपाली अंतर्गत घोरघाट नाला, आमझरण नाला, बागबाहरा अंतर्गत बड़े नाला, जोगीडीपा नाला, चोरभट्ठी नाला, बगदेवा नाला, पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत राजाडेरा नाला, महासमुंद अंतर्गत मरघट नाला शामिल है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नरवा विकास कार्यक्रम के तहत कैम्पा मद अंतर्गत वनांचल स्थित नालों में काफी तादाद में भू-जल संरक्षण संबंधी कार्यो का तेजी से क्रियान्वयन किया गया है एवं इस दिशा में तेजी से प्रयास जारी है। इससे वन क्षेत्रों के भू-जल स्तर में काफी सुधार दिखाई देने लगा है और वनवासियों सहित क्षेत्रवासियों को पेयजल, सिंचाई तथा निस्तारी आदि सुविधाओं का भरपूर लाभ मिलने लगा है। साथ ही साथ इससे वन संरक्षण तथा संवर्धन के कार्यों को भी बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल में राज्य के वन क्षेत्रों में भू-जल संरक्षण तथा संवर्धन के लिए बड़े तालाब में जल स्त्रोतों, नदी-नालों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का अनूठा पहल किया गया है।

