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UP : नौकरी से निकाले गए संविदा कर्मी ने की आत्महत्या, पत्नी बोली- 10 दिन से बहुत टेंशन में थे

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कैंट के रामदास का हाता में मंगलवार सुबह एलडीए के संविदाकर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष कुमार (45) ने मंगलवार सुबह घर पर ही फांसी लगा ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पत्नी ने एलडीए वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा कैंट पुलिस को तहरीर दी है। मामले में सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

संतोष कुमार के परिवार में पत्नी मालती, बेटा आदित्य व बेटी रितिका हैं। मंगलवार सुबह उन्होंने कमरे में फांसी लगा ली। फंदे पर संतोष को लटका देख परिजन स्तब्ध रह गए। आसपास के लोगों से मदद लेकर उन्हें फंदे से उतारा और सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

दस दिन से तनाव में थे संतोष, हटाने की दी थी धमकी
मालती ने आरोप लगाया कि दस दिन से संतोष बहुत तनाव में थे। परेशानी की वजह पूछने पर उन्होंने बताया कि एलडीए वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। काम से भी हटाने की धमकी दे रहे हैं। मालती ने तहरीर में लिखा है कि संतोष 25 साल से एलडीए में काम कर रहे थे। कभी कोई शिकायत या विवाद नहीं हुआ। लेकिन, जब से ये वीसी आए हैं, तब से उनको प्रताड़ित किया गया। इस वजह से संतोष ने खुदकुशी कर ली।

तीन बार दी तहरीर
एडीसीपी ने बताया कि मामले में परिजनों की तरफ से तीन बार तहरीर दी गई। पहली बार में संतोष के आत्महत्या करने संबंधी सूचना दी गई। फिर एक तहरीर एलडीए वीसी पर आरोप लगाते दी गई। कुछ देर बाद मालती ने तीसरी तहरीर दी। इसमें भी वीसी पर आरोप लगाए गए। एडीसीपी का कहना है कि विस्तृत जांच कराई जाएगी।

संविदाकर्मी आक्रोशित
घटना के बाद एलडी के तमाम संविदाकर्मी सिविल अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने एलडीए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। संतोष के खुदकुशी करने में एलडीए वीसी को ही जिम्मेदार ठहराया।

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