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मध्यप्रदेश में 5 करोड़ 60 लाख मतदाता, 16.83 लाख बढ़े, सर्विस वोटर 75304

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भोपाल

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन चार अक्टूबर को कर दिया गया। प्रदेश में मतदाताओं की संख्या अब 5 करोड़ 60 लाख 60 हजार 925 हो गई है। दो अगस्त 2023 को प्रकाशित मतदाता सूची के मुकाबले प्रदेश में 16 लाख 83 हजार 830 मतदाता बढ़ गए है। इसके अलावा सर्विस वोटर 75304 हो गए हैं।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इस नई मतदाता सूची में 2 करोड़ 88 लाख 25 हजार 607 पुरुष मतदाता है। महिला मतदाताओं की संख्या अब 2 करोड़ 72 लाख 33 हजार 945 हो गई है। प्रदेश में थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या अब 1373 हो गई है। सेवा मतदाताओं की संख्या अब 75 हजार 304 है। 

इसके पहले दो अगस्त को प्रकाशित मतदाता सूची में कुल 5 करोड़ 43 लाख 77 हजार 95 मतदाता थे। इनमें 2 करोड़ 81 लाख 26 हजार 191 पुरुष और 2 करोड़ 62 लाख 49 हजार 578 महिला तथा थर्ड जेंडर के 1326 मतदाता थे। सर्विस वोटरों की संख्या पहले 73 हजार 20 पुरुष और 2284 महिलाएं थे। सीईओ राजन ने बताया कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है।

आचार संहिता की आहट: छग राजस्थान में भी आज ही प्रकाशित होगी वोटर लिस्ट
भारत निर्वाचन आयोग आज छत्तीसगढ़ और राजस्थान में के लिए भी बनाई गई वोटरलिस्ट का अंतिम प्रकाशन करेगा। छग में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले दोपहर एक बजे निर्वाचन कार्यालय में प्रेसवार्ता करेंगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि मतदाता सूची जारी होते ही प्रदेश में कभी भी आचार संहिता लागू हो सकती है। फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत चार अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख पहले से तय हो चुकी है।

जाने कब तक जुड़वा सकेंगे नाम
प्रदेश में 64 हजार 523 मतदान केंद्र हैं। राजन ने बताया कि नाम जोड़ने की प्रक्रिया नॉमिनेशन की आखिरी तारीख से 10 दिन पहले तक जारी रहेगी। वहीं, नाम हटाने के लिए आवेदन लिए जायेंगे, लेकिन चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद कार्रवाई नहीं की जाएंगी। यानी नाम नहीं काटा जाएगा।प्रत्याशियों के चुनावी खर्च को लेकर पूछे सवाल पर अनुपम राजन ने कहा कि नामांकन फार्म भरने पर प्रत्याशी का चुनावी खर्च जोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि 80 से ज्यादा उम्र के और 40 प्रतिशत दिव्यांग वोटरों को घर से मतदान करने की सुविधा होंगी। वह बैलेट पेपर से मतदान कर सकेंगे। इसके लिए उनके पास विकल्प होगा।

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