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बड़े नेता सहित 8 मंत्री और पूर्व मंत्री इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में फंस

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भोपाल

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, मंत्री उषा ठाकुर जैसे बड़े नेता सहित 8 मंत्री और पूर्व मंत्री इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गए हैं। इन सीटों पर कांग्रेस-भाजपा के अलावा अन्य दल या निर्दलीय मजबूत टक्कर दे सकते हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा के ही नहीं बल्कि कांग्रेस के भी कई ताकतवर नेता उलझे हुए हैं। इन सभी सीटों पर मुकाबला रोचक होने की संभावना के चलते पूरे प्रदेश की नजर इन सीटों पर रहेगी। इसके साथ प्रदेश की 3 सीटों पर चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। गुरुवार को नाम वापसी के बाद अब मुकाबले की स्थिति साफ हो चली है।  उनकी सीटों पर न सिर्फ वे चुनाव में दम दिखाएंगे, बल्कि बसपा, सपा और आप के अलावा निर्दलीय भी उनकी सीट पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे।

ये विधायक उतरे तो हुआ त्रिकोणीय मुकाबला
तीन विधायकों ने भी भाजपा-कांग्रेस के सामने त्रिकोणीय मुकाबला खड़ा कर दिया है। सीधी से विधायक केदार नाथ शुक्ला का भाजपा ने टिकट काटा तो वे निर्दलीय मैदान में हैं। भिंड से विधायक संजीव सिंह कुशवाह को भाजपा ने टिकट नहीं दिया तो वे फिर से बसपा में गए और चुनाव लड़ रहे हैं। मैहर से नारायण त्रिपाठी ने अपनी नई विंध्य जनता पार्टी का गठन कर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं पूर्व विधायक एवं सांसद प्रेम चंद गुड्डू आलोट से निर्दलीय उतरे हैं। पूर्व विधायक ममता मीणा चाचौड़ा ने आप से उतर कर मुकाबला रोचक कर दिया है। इनके अलावा भोपाल उत्तर, सुमावली, सिरमौर, निवाड़ी, अलीराजपुर में भी त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ है।

धार में चार का दिखेगा दम
इस बार धार विधानसभा में पहली बार चार ताकतवर उम्मीदवारों के बीच में मुकाबला दिखाई दे रहा है। भाजपा और कांग्रेस से एक-एक नेता बागी होकर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां पर कांग्रेस ने प्रभा गौतम और भाजपा ने  नीना विक्रम वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं यहां से भाजपा से बगावत कर राजीव यादव मैदान में हैं। इसी तरह कांग्रेस से बगावत कर कुलदीप बुंदेला भी मैदान में हैं। इन चारों के बीच में मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।

दिग्गजों की सीट पर फंसा पेंच

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