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धनतेरस के दिन क्यों जलाते हैं ‘यम का दीपक’, जानिए इसका महत्व और सही दिशा

हर वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इसी तिथि पर भगवान धन्वंतरि सोने के कलश के साथ प्रकट हुए थे। साथ ही त्रयोदशी के दिन ही आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि जी की जयंती भी मनाई जाती है। इस साल 10 नवंबर को धनतेरस है। इस दिन यमराज को प्रसन्न करने के लिए यम का दीपक भी जलाया जाता है। धनतेरस के दिन मृत्यु के देवता की भी पूजा की जाती है। इस दौरान शाम के समय में एक सही दिशा में यम का दिया निकाला जाता है। आइए जानते हैं यम का दिया निकालने के पौराणिक मान्यता, शुभ मुहूर्त और सही दिशा के बारे में…

यम का दीपक जलाने का महत्व

धनतेरस के दिन कुबेर देवता के अलावा यमराज की भी पूजा की जाती है। इस दिन यमराज को खुश करने के लिए एक शुभ मुहूर्त पर घर के पीछे चौमुखी दिया को उसकी सही दिशा में रखा जाता है।

किस दिशा में रखें यम का दीपक

यम के दीपक को घर के दक्षिण दिशा में रखना शुभ माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि दक्षिण दिशा के स्वामी यमराज को माना जाता है। इसलिए दक्षिण दिशा में दिया जलाने से यमराज प्रसन्न रहते हैं, जिससे कि घर में सुख और शांति बनी रहती है।

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