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CG : बाबा साहब डॉ. आम्बेडकर के विचार ही उनकी ताकत थी-हर्षिता

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उन्हें भूल पाना असंभव है। वह आज भी हमारे बीच जीवित हैं और उनकी आत्मा संविधान में दिखती है। बाबा साहब के अथक प्रयासों से ही भारत का संविधान विधिवत चल रहा है और संविधान को मानने वाले 140 करोड़ की जनसंख्या उसका पालन कर रहे हैं। भंते कुमार कश्यप व माताजी कल्याणी ने भी धम्म उपदेश दिए। शहर के शासकीय अस्पताल में मरीजों और वृद्धा आश्रम बचेराभाटा में बुजुर्गों को बाबा साहब के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर फल वितरण किया गया।

तहसील कार्यालय में स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर नवनिर्वाचित विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने माल्यार्पण किया। तहसील कार्यालय स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर डोंगरगढ़ विधानसभा की निर्वाचित विधायक हर्षिता ने माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। वह बाबा साहब को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व विधायक विनोद खांडेकर व बौद्ध समाज के अध्यक्ष मुन्नालाल नंदेश्वर ने भी बाबा साहब के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

कार्यक्रम में धम्मगुरु भदंत कुमार कश्यप, भदंत नागर, माताजी कल्याणी के मार्गदर्शन में सामूहिक वंदना की गई। नवनिर्वाचित विधायक हर्षिता ने बाबा साहब को नमन करते हुए उन्हें याद किया। कहां कि ऐसे महापुरुष सदियों सदियों तक लोगों के दिलों में बसते हैं।

बाबा साहब के विचार ही उनकी ताकत थी। उन्होंने जीवन भर शिक्षा को अपना हथियार बनाया और गरीब, मजदूर लोगों को उनके अधिकार दिलाए। यह कहना गलत नहीं होगा कि बाबा साहब ने भारत के हर वर्ग के लोगों के लिए जीवन पर्यंत काम किया। इसीलिए उन्हें भारत में ही नहीं पूरे विश्व में भी जाना जाता है।

कार्यक्रम को पूर्व विधायक विनोद खांडेकर व समाज के अध्यक्ष मुन्नालाल नंदेश्वर ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अनिल मेश्राम,अनिल सहारे, गरीबदास गढ़पायले,धीरज मेश्राम, धन्नालाल गणवीर, संजय रामटेके, मिलन टेम्बुलकर,लोकेश इंदुलकर, चंद्रशेखर बोरकर, मुकेश रामटेके, अमन जनबन्धु, सागर रामटेके, प्रणय बंसोड़, पुरुषोत्तम रामटेके, सुभाष भास्कर, महेश बोरकर, बादल वालदे, विजय कोटांगले, सहित बड़ी संख्या में बौद्ध उपासक-उपासिकाये उपस्थित थे।

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