May 7, 2026

दुर्ग जिला

 लोगों को रोजगार की जरूरत, उद्योगों को हुनरमंदों की जरूरत, डाटा बेस से पूरी होगी कमी  तकनीकी ट्रेड में हुनर सीखने के इच्छुक ग्यारहवीं के छात्रों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग की मिलेगी सुविधा,  आईटीआई करेंगे वोकेशनल क्लास में प्रशिक्षित, छात्रों को मिलेगा सर्टिफिकेट भीवोकेशनल  ट्रेनिंग में ऐसे कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा जो जिले के उद्योगों की जरूरत के मुताबिक हो ख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अर्थव्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए उद्योगों को आवश्यक श्रमिक उपलब्ध कराने तथा बाहर से लौटे श्रमिकों को रोजगार दिलाने विशेष पहल करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत जिला प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों का डाटाबेस तैयार किया है। इसमें सभी श्रमिकों के हुनर का ब्योरा है। लाकडाउन के चलते बाहर से कुशल श्रमिक लौटे हैं और यहां के कुशल श्रमिक बाहर भी चले गए हैं। इस डाटा बेस के माध्यम से नियोक्ताओं को कुशल लोग और बेरोजगार हुनरमंद लोगों को अपनी कुशलता का काम मिल पाएगा। इस उद्देश्य के लिए कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने उद्योग जगत के पदाधिकारियों एवं उद्योगपतियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने बताया कि उद्योगों के लिए हुनरमंद लोगों को तैयार करने ग्यारहवीं में वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इस वोकेशनल ट्रेनिंग में ऐसे कोर्स शामिल किए जाएंगे जो यहां के उद्योगों की जरूरत के मुताबिक हों। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रकाश सर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, जीएमडीआईसी श्री अनिल श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।कोर्स की पढ़ाई के साथ वोकेशनल स्टडी भी- कोर्स की पढ़ाई के साथ वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी स्कूलों में की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि कला संकाय के छात्र इसमें हिस्सा ले सकेंगे। आज उद्योगों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का उद्देश्य उनसे फीडबैक प्राप्त करना है कि किस प्रकार के कोर्स उनके लिए उपयोगी होंगे ताकि उद्योगों को भी लाभ हो सके और छात्रों के लिए भी भविष्य में रोजगार का रास्ता खुल सके।दुबई जैसे देशों से प्रशिक्षित कुशल लोग भी- कलेक्टर ने बताया कि अच्छी बात यह है कि हमारे पास जो डाटा बेस है उसमें बहुत सारी विविधता है जो स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप काफी उपयोगी होती है। उदाहरण के लिए बायलर आपरेटर की काफी डिमांड होती है और वे स्थानीय स्तर पर मिल नहीं पाते। लाकडाउन ने यह अवसर दिया है कि अब आपके पास ऐसे लोग उपलब्ध हैं। दुबई जैसे देशों से लोग लौटे हैं जो बायलर आपरेटर और अन्य तकनीकी विधाओं में दक्ष है। उद्योग इनका बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। उद्योगजगत ने कहा कि डाटाबेस काफी उपयोगी होगा- उद्योगपतियों ने कहा कि डाटाबेस काफी उपयोगी होगा। यहां का कुशल श्रमिक हमें मिल जाएगा तो हमारे लिए भी बेहतर होगा। उन्हें भी बाहर जाने की मजबूरी नहीं होगी। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों को हरसंभव सुविधा देने की कोशिश करेंगे। उन्हें जिस तरह की तकनीकी दक्षता वाले लोग चाहिए, उस तरह का मैनपावर तैयार करेंगे।क्रमांक 768लैब टक्नीशियन की संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रितदुर्ग 06 जून 2020/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कोविड-19 के संबंधित कार्य करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से जिले मे लैब टेक्नीशियन के कुल 6 पदों के लिए संविदा भर्ती किया जाना है। इच्छुक अभ्यर्थी जिले की मेल आइडी कनतहण्बवअपकण्तमबतनपजउमदज/हउंपसण्बवउ पर निर्घारित प्रपत्र पर अपना आवेदन कर सकते है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जून 2020 को शाम 5ः00 बजे तक है। विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेब साईट ूूूण्कनतहण्हवअण्पद मे देखा जा सकता है व आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अर्थव्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए उद्योगों को आवश्यक श्रमिक उपलब्ध कराने तथा बाहर से लौटे श्रमिकों को रोजगार दिलाने विशेष पहल करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत जिला प्रशासन ने प्रवासी श्रमिकों का डाटाबेस तैयार किया है। इसमें सभी श्रमिकों के हुनर का ब्योरा है। लाकडाउन के चलते बाहर से कुशल श्रमिक लौटे हैं और यहां के कुशल श्रमिक बाहर भी चले गए हैं। इस डाटा बेस के माध्यम से नियोक्ताओं को कुशल लोग और बेरोजगार हुनरमंद लोगों को अपनी कुशलता का काम मिल पाएगा। इस उद्देश्य के लिए कलेक्टर डाक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने उद्योग जगत के पदाधिकारियों एवं उद्योगपतियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने बताया कि उद्योगों के लिए हुनरमंद लोगों को तैयार करने ग्यारहवीं में वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इस वोकेशनल ट्रेनिंग में ऐसे कोर्स शामिल किए जाएंगे जो यहां के उद्योगों की जरूरत के मुताबिक हों। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रकाश सर्वे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, जीएमडीआईसी श्री अनिल श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।कोर्स की पढ़ाई के साथ वोकेशनल स्टडी भी- कोर्स की पढ़ाई के साथ वोकेशनल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी स्कूलों में की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि कला संकाय के छात्र इसमें हिस्सा ले सकेंगे। आज उद्योगों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का उद्देश्य उनसे फीडबैक प्राप्त करना है कि किस प्रकार के कोर्स उनके लिए उपयोगी होंगे ताकि उद्योगों को भी लाभ हो सके और छात्रों के लिए भी भविष्य में रोजगार का रास्ता खुल सके।दुबई जैसे देशों से प्रशिक्षित कुशल लोग भी- कलेक्टर ने बताया कि अच्छी बात यह है कि हमारे पास जो डाटा बेस है उसमें बहुत सारी विविधता है जो स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप काफी उपयोगी होती है। उदाहरण के लिए बायलर आपरेटर की काफी डिमांड होती है और वे स्थानीय स्तर पर मिल नहीं पाते। लाकडाउन ने यह अवसर दिया है कि अब आपके पास ऐसे लोग उपलब्ध हैं। दुबई जैसे देशों से लोग लौटे हैं जो बायलर आपरेटर और अन्य तकनीकी विधाओं में दक्ष है। उद्योग इनका बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। उद्योगजगत ने कहा कि डाटाबेस काफी उपयोगी होगा- उद्योगपतियों ने कहा कि डाटाबेस काफी उपयोगी होगा। यहां का कुशल श्रमिक हमें मिल जाएगा तो हमारे लिए भी बेहतर होगा। उन्हें भी बाहर जाने की मजबूरी नहीं होगी। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों को हरसंभव सुविधा देने की कोशिश करेंगे। उन्हें जिस तरह की तकनीकी दक्षता वाले लोग चाहिए, उस तरह का मैनपावर तैयार करेंगे।क्रमांक 768लैब टक्नीशियन की संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रितदुर्ग 06 जून 2020/राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कोविड-19 के संबंधित कार्य करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से जिले मे लैब टेक्नीशियन के कुल 6 पदों के लिए संविदा भर्ती किया जाना है। इच्छुक अभ्यर्थी जिले की मेल आइडी कनतहण्बवअपकण्तमबतनपजउमदज/हउंपसण्बवउ पर निर्घारित प्रपत्र पर अपना आवेदन कर सकते है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जून 2020 को शाम 5ः00 बजे तक है। विस्तृत जानकारी के लिए जिले की वेब साईट ूूूण्कनतहण्हवअण्पद मे देखा जा सकता है व आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड किया जा सकता है।
लाॅकडाउन में प्रवासी मजदूर जो अपने गांव-घरों की ओर बस, ट्रक या अन्य साधन से रवाना हो...
ईद के त्योहार के परिप्रेक्ष्य में राज्य शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि दिनांक 24 मई...
दुर्ग. छत्तीसगढ़ सरकार ने लॉकडाउन में लोगों को शराब उपलब्ध कराने के लिए होम डिलीवरी सर्विस को अनुमति...
कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग , द्वारा राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत कोविड हास्पिटल हेतु चिकित्सा अधिकारी...
दुर्ग. आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के कैमिकल फैक्ट्री, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ पेपर फैक्ट्री के बाद अब दुर्ग जिले...
दुर्ग. छत्तीसगढ़ में दुर्गजिले के भिलाई में कोरोना वायरस संक्रमित एक मरीज के पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज...
नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत जरूरतमंदों को फूड पैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है इसके लिए प्रत्येक जोन में निगम के कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं ताकि वार्ड क्षेत्रों में भूखे, गरीब, असहाय लोगों तक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। महापौर एवं भिलाई नगर विधायक श्री देवेंद्र यादव तथा आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने जोन के अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर कहा है कि कोई भी व्यक्ति जो जरूरतमंद है भूखा न रहे तथा जरूरतमंदों तक राहत सामग्री/भोजन पहुंचे। प्रतिदिन जोन के वार्ड क्षेत्रों में मांग एवं आवश्यकतानुसार फूड पैकेट/पका भोजन सुबह एवं शाम जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। जोन क्रमांक एक में प्रतिदिन लगभग 520 पका भोजन पैकेट, जोन क्रमांक 2 में 320, जोन क्रमांक 3 में 330, जोन क्रमांक 4 में 600 एवं जोन क्रमांक 5 में 200 पका भोजन का पैकेट पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। फूड पैकेट के प्रतिदिन की आवश्यकता की जानकारी जोन के अधिकारियों से लेते हुए उस आवश्यकता के आधार पर पैकेट की व्यवस्था की जा रही है। लॉक डाउन के दौरान भूखे, असहाय, गरीब, मजदूर जिनके पास खाने के लिए भोजन नहीं है या वह भोजन बनाने आदि में असहाय हैं ऐसे लोगों तक पका भोजन पहुंचाने का कार्य निगम प्रशासन के अधिकारीध्कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की वेबसाइट पर कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकायों की स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं के लगभग 95 वीडियो लेक्चर अपलोड किए गए हंै। यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन कोरोना संक्रमण के दौरान लाॅकडाउन की स्थिति में विद्यार्थियों को अकादमिक हानि न हो, इस उद्देश्य से लगातार आनलाईन बैठक आयोजित कर छत्तीसगढ़ के समस्त प्राध्यापकों, सहायक प्राध्यापकों एवं प्राचार्यों से विद्यार्थियों के हित में वीडियो लेक्चर तैयार करने हेतु आदेश प्रसारित कर रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के परिपालन में दुर्ग विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. अरुणा पल्टा ने अनुकरणीय पहल करते हुए दुर्ग विश्वविद्यालय के परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त महाविद्यालयीन प्राचार्याें एवं शिक्षकों से वीडियो लेक्चर बनाने का आग्रह किया था। इसी संदर्भ में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. सी. एल. देवांगन ने प्राध्यापकों हेतु विश्वविद्यालय की ओर से 11 अप्रैल 2020 को एक अपील भी जारी की थी।डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि कुलपति एवं कुलसचिव के आव्हान तथा उच्च शिक्षा विभाग की मंशा के अनुरुप दुर्ग विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले प्राध्यापकों एवं सहायक प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझकर लगभग 150 वीडियो लेक्चर तैयार कर विश्वविद्यालय को प्रेषित किए हैं। इनमें से 95 वीडियो लेक्चर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड हो गए हैं तथा शेष को अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है। विद्यार्थी दुर्ग विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर स्टूडेंट्स काॅर्नर में जैसे ही क्लिक करेगा, उसमें स्टडी मटेरियल नामक विकल्प सबसे प्रथम क्रम में दिख्ेागा। इसे क्लिक करते ही वह अपने कक्षा एवं विषय के अनुरुप यूजी अथवा पीजी के पाठ्यक्रम से संबंधित वीडियो लेक्चर देखकर लाभ उठा सकता है। अब तक अपलोड वीडियो लेक्चर में कला संकाय में स्नातक स्तर पर अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, भूगोल तथा स्नातकोत्तर स्तर पर अंग्रेजी, राजनीतिशास्त्र, मनोविज्ञान एवं दर्शनशास्त्र के वीडियो लेक्चर शामिल हंै। वाणिज्य संकाय में स्नातक स्तर पर 4 तथा स्नातकोत्तर स्तर पर वीडियो निर्माण प्रक्रियाधीन है। विज्ञान संकाय में स्नातक पर रसायनशास्त्र, भूगर्भशास्त्र व प्राणीशास्त्र तथा स्नातकोत्तर स्तर पर भौतिकी, प्राणीशास्त्र, वनस्पतिशास्त्र, गणित, बायोटेक्नोलाॅजी विषयों के उपलब्ध है। वीडियो लेक्चर अपलोड करने का कार्य दुर्ग विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।कुलपति डाॅ. अरुणा पल्टा के निर्देश पर दुर्ग विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विद्यार्थियों के लाभ हेतु ईपीजी पाठशाला नामक ई-रिसोर्स लिंक को भी जोड़ दिया गया है। इस साॅफ्टवेयर में स्नातकोत्तर स्तर के सभी कक्षाओं के सभी विषयों के वीडियो लेक्चर उपलब्ध हैं। विद्यार्थी ईपीजी पाठशाला एप खोलकर इन उच्च स्तरीय वीडियो लेक्चर का लाभ उठा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. अरुणा पल्टा के फूड साइंस विषय से संबंधित 10 वीडियो लेक्चर ईपीजी पाठशाला में उपलब्ध है।दुर्ग विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे इस सराहनीय प्रयास हेतु अनेक छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रुप से दूरभाष पर विश्वविद्यालय प्रशासन को धन्यवाद दिया है।