August 26, 2026

छत्तीसगढ़

रायपुर, 03 अगस्त . प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय बाढ़...
रायपुर, 02अगस्त। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को भाई- बहन के स्नेह और विश्वास के पर्व रक्षाबंधन...
राजनांदगांव । शहर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अंशदीप के डायरेक्टर महेन्द्र सिंह बग्गा का 60 की...
राजनांदगांव।  आज शनिवार को 25 नए कोरोना मरीज की पहचान की गई है जिसमे से 18 itbp,4...
शिशु को शुरूआती 6 महीने माँ का दूध पर्याप्त, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढऩे के साथ स्वास्थ्य एवं...
रायगढ़,कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों में लड़कर उपलब्ध संसाधन से शिक्षा की अलख जगाए रखने के लिये गोमर्डा अभ्यारण्य के वन क्षेत्र में बसे व शिक्षा के क्षेत्र में अपने नवाचार के लिये राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित कर चुके गांव डोंगीपानी में चल रही है ‘मोर स्कूल मोर अंगना ‘ कार्यक्रम चलायी जा रही है जिसमें शिक्षक और बच्चे सोशल डिस्टेसिंग के साथ सोशल साईंस व पर्यावरण के साथ अन्य सभी विषयों की पढ़ाई कर रहे है।तीन जगहों पर लगती है कक्षा, लाउडस्पीकर से होती है पढ़ाई डोंगीपानी गांव में प्राथमिक स्तर तक की कक्षाएं लगती है। शिक्षक  शशि बैरागी के साथ दो अन्य शिक्षक  वेद कुमार पटेल व  आत्माराम चौहान मिलकर बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए लाउडस्पीकर से कक्षाएं ले रहे है। गांव के तीन स्थानों पर बरामदों में बच्चों को बिठाया जाता है। उन्हें मास्क और सेनेटाइज भी दिया गया है। सुबह 8 से 12 बजे तक कक्षाएं संचालित होती है। बच्चों की पढ़ाई में रूचि बनाये रखने के लिये उन्हें पढ़ाए गए पाठ से टॉपिक बनाकर तात्कालिक भाषण करवाया जाता है। बच्चों को दो टीमों में बांटकर क्विज प्रतियोगिता भी करवायी जाती है। इस गांव में माध्यमिक स्तर के छात्र भी रहते है जो बरमकेला में छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते है। कोरोना के कारण अभी गांव में ही है उनकी भी पढ़ाई यहां करवायी जा रही है। मालूम हो कि डोंगीपानी गांव शिक्षा में नवाचार व ग्रामीण बच्चों की फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने की योग्यता सेे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ख्याति अर्जित की थी। शिक्षकों की लगन व मेहनत तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए जुनून ने कोरोना के इस संकट के बीच भी डोंगीपानी में शिक्षा की धारा को अविरल बनाये रखा है।