बिलासपुर। राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि दो साल में छत्तीसगढ़ अपराधियों का गढ़ बनकर रह गया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत दिनों दिन खराब हो रही है। बढ़ते शहरीकरण के चलते अपराध का बढ़ना अलग विषय है। अपराध नियंत्रण के अभाव में अपराधियों के हौसले बुलंद होना चिंता का विषय है। पूर्व मंत्री अग्रवाल ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस द्वारा राजनीति में अपराधियों को संरक्षण देने से बदमाश अपनी करतूतों को अंजाम दे रहे हैं। भू माफियाओं का बोलबाला है और जमीन पर कब्जा करने के कारण आए दिन विवाद सामने आ रहे हैं। राजनीति और प्रशासन के संरक्षण में छत्तीसगढ़ में माफिया राज हावी होने लगा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था दुस्र्स्त करने के बजाय पुलिस की भूमिका वीआइपी ड्यूटी और नेता मंत्रियों के बंगले के चक्कर लगाने में ज्यादा दिखाई दे रही है। प्रशासन और पुलिस का खौफ अपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों के मन से निकल चुका है। शहर के उसलापुर में हुए गोलीकांड, लालखदान का हत्याकांड, उज्ज्वला गृह में महिलाओं का उत्पीड़न के साथ ही नेहरू नगर में बुजुर्ग महिला के साथ हुई लूट व सरेआम पार्षद द्वारा आम नागरिक से मारपीट का वीडियो वायरल होने जैसी कई घटनाएं हैं, जिससे बिलासपुर की शांति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी के साथ ही न्यायधानी में भी ड्रग्स का अवैध धंधा पैर पसार रहा है। कोल और खनिज माफियाओं के द्वारा अवैध तरीके से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है।ट्वीटर से नहीं चलता लोकत्रंत
पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने किसान आंदोलन की आड़ में विदेशी सेलिब्रिटीज के ट्वीट पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि विदेशी सेलिब्रेटी को पहले भारतीय लोकतंत्र को जान लेना चाहिए। इसके बाद ही टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र टि्वटर से नहीं चलता। भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने एव आंतरिक व बाह्य मामलों का हल निकालने में पूरी तरह सक्षम है। विपक्षी दलों को भी देश के अन्न्दाताओं का नाम का सहारा लेकर अपने हितों को साधना बंद करना चाहिए।
