राजनांदगांव l विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को आदर्श कृषि उपज मंडी परिसर में 20.01 करोड़ रुपए के 199 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य टिकाऊ और मानक अनुरूप होने चाहिए ताकि लोगों को लंबे समय तक उनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और सांसद संतोष पांडेय भी मौजूद रहे।
इस दौरान मंडी निधि से 2.39 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। वहीं राजनांदगांव विकासखंड की ग्राम पंचायतों में 16.33 करोड़ रुपए की लागत के 181 कार्यों का भूमिपूजन तथा 1.29 करोड़ रुपए के 18 कार्यों का लोकार्पण किया गया।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आदर्श कृषि उपज मंडी राजनांदगांव प्रदेश की प्रमुख मंडियों में शामिल है। यहां किसानों और व्यापारियों के लिए बैंक, पोस्ट ऑफिस, विश्राम गृह, धर्मकांटा, अनाज व सब्जी मंडी सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि मंडी निधि का अधिक उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना के विकास में किया जाना चाहिए। उन्होंने किसानों से धान के साथ कम पानी वाली फसलों, विशेषकर मक्का और सोयाबीन की खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सांसद संतोष पांडेय ने विकसित भारत-जीरामजी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा। योजना में पौधरोपण, जल संरक्षण और अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने भी किसानों से ग्रीष्मकालीन धान की खेती से बचने और जल संरक्षण पर जोर देने की अपील की।
13 क्लस्टर की पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की गई डॉ. रमन सिंह और मंत्री रामविचार नेताम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 13 क्लस्टर की 51 ग्राम पंचायतों के सरपंचों से विकास कार्यों की समीक्षा की। धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने वाले किसानों को अरहर और सोयाबीन के बीज वितरित किए गए। अंत्योदय स्वरोजगार योजना के तहत मिनीमाता महिला स्व-सहायता समूह, पेण्ड्री को 1.10 लाख रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। नेताम ने कहा कि अत्यधिक धान उत्पादन से भूजल स्तर और भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है।