राजनांदगांव , कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जिले में अवैध प्रवासियों की धरपकड़, पहचान और रोकथाम के लिए अभियान शुरू किया है। इसके तहत मकान मालिकों, दुकानदारों व फैक्ट्री संचालकों को लेकर गाइडलाइन जारी किए गए हैं।
पुलिस ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए निर्देश जारी किए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों पर सीधी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नए या पुराने किरायेदारों की जानकारी पुलिस को देना मकान मालिकों की कानूनी बाध्यता है। मकान मालिकों अपने अपने किराएदारों की सूचना सात दिन के भीतर अपने क्षेत्र के थानों में देने कहा है। ऐसा नहीं करने वालों पर छत्तीसगढ़ रेंट कंट्रोल अधिनियम, 2011 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फेरीवालों और फल विक्रेताओं का होगा रजिस्ट्रेशन: बाहर से आकर जिले में घूम-घूमकर व्यवसाय करने वाले फेरीवालों, फल-सब्जी विक्रेताओं और अस्थायी दुकानदारों पर भी पुलिस नजर रख रही है। ऐसे सभी बाहरी व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी थाने में जाकर मुसाफिरी रजिस्टर में अपना नाम, पता और पहचान दर्ज कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
इनको भी देनी होगी आवश्यक जानकारी पुलिस ने जिले के सभी उद्योगों, फैक्ट्रियों, प्लांट, होटल, ढाबों और दुकानों के लिए भी सख्त आदेश जारी किए गए हैं। संचालकों को निर्देश जारी किए गए है कि अगर जिले या राज्य के बाहर का कोई मजदूर या कर्मचारी काम कर रहा है, तो उसकी सूची संबंधित थाने में जमा करनी होगी। लापरवाही बरतने पर प्रतिष्ठान संचालक को भी सह-आरोपी बनाया जाएगा।
