अभियान को प्रभावी बनाने समाज प्रमुखों ने दिए कई महत्वपूर्ण सुझाव
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जिले में वनाच्छादन का क्षेत्र बढ़ाने के लिए वर्षा ऋतु में व्यापक पैमाने पर पौधारोपण के साथ ही वर्षा जल संचयन एवं भू-जल संवर्धन में सहयोग और समर्थन के लिए कलेक्टर विजय दयाराम के. ने सर्व समाज प्रमुखों की बैठक ली। कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में गुरुवार को आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आगामी दिनों में जिले की जनसंख्या के अनुरुप लगभग तीन लाख पौधों के रोपण की तैयारी की जा रही हैं।
उन्होंने इस अभियान में सभी के सहयोग और समर्थन की अपील करते हुए कहा कि केवल पौधारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सभी की समान जिम्मेदारी है। उन्होंने जिले के प्रत्येक नागरिक से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
बैठक में उपस्थित समाज प्रमुखों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने सुझाव दिया कि घरों की बाड़ियों, खेतों की मेड़ों, सार्वजनिक स्थलों तथा सामुदायिक परिसरों में पौधारोपण को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख और सुरक्षा के लिए सामुदायिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया गया।
समाज प्रमुखों ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और हरित भविष्य का आधार है। उन्होंने इस अभियान को जन-जन से जोड़ने के लिए अपने-अपने समाजों के माध्यम से व्यापक जनजागरण चलाने का आश्वासन दिया। बैंठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
