’जिले में 8,776 जीवित पंजीयन, दो रोजगार मेलों में 9 युवाओं का चयन’
नारायणपुर : कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे जिले के शिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र सहित विभिन्न संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।
जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में 8,776 जीवित पंजीयन दर्ज हैं। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग के 48, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 7,590, अन्य पिछड़ा वर्ग के 495 तथा सामान्य वर्ग के 643 अभ्यर्थी शामिल हैं। पंजीकृत अभ्यर्थियों में 3,897 महिलाएं भी सम्मिलित हैं। वहीं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 10वीं उत्तीर्ण 2,847, 12वीं उत्तीर्ण 3,542, स्नातक 1,027 तथा स्नातकोत्तर 251 अभ्यर्थियों का पंजीयन दर्ज है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक दो जिला स्तरीय रोजगार मेलों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन रोजगार मेलों में 5 नियोजकों ने सहभागिता करते हुए 945 रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराई। मेलों में शामिल अभ्यर्थियों में से 9 युवाओं का चयन विभिन्न पदों पर किया गया, जबकि आगामी अवधि में 8 और रोजगार मेलों के आयोजन की कार्ययोजना तैयार की गई है।
इसी प्रकार अग्निवीर भर्ती अभियान के तहत जिले से 199 युवाओं ने ऑनलाइन पंजीयन कराया, जिनमें से 16 अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा (ब्म्म्) उत्तीर्ण कर जिले का गौरव बढ़ाया है। कैरियर मार्गदर्शन गतिविधियों के अंतर्गत वित्तीय वर्ष में 10 कार्यक्रमों के आयोजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार एवं स्वरोजगार के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र युवा तक रोजगार, कौशल विकास एवं मार्गदर्शन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचे। कलेक्टर नम्रता जैन ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि रोजगार मेलों, कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रमों तथा विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाए, ताकि उन्हें उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें और जिले में रोजगार सृजन की गतिविधियों को और अधिक गति मिले।