CG : रायगढ़ में बंदरों ने कई लोगों को काटा, हाथियों के झुंड ने किया सड़क जाम …
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इन दिनों वन्यजीवों का बढ़ता आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है। जिले के अलग-अलग इलाकों में एक ओर बंदरों ने लोगों पर हमला कर दहशत फैला दी है, तो दूसरी ओर हाथियों के झुंड ने सड़क पर कब्जा जमाकर यातायात बाधित कर दिया। बंदरों के हमलों में अब तक एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जबकि हाथियों की गतिविधियों के कारण कई गांवों में भय का माहौल है। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार पहला मामला रायगढ़ जिले के चिराईपानी गांव का है।
जहां पिछले कुछ दिनों से बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बंदर घरों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं और लोगों पर अचानक हमला कर रहे हैं। अब तक बंदरों के हमले में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। शुक्रवार सुबह भी बंदरों ने एक महिला समेत दो लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों की आक्रामक गतिविधियों के संबंध में कई बार वन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते गांव के लोगों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
इधर जिले के बंगुरसिया और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों का आतंक भी लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि दो दर्जन से अधिक हाथियों का झुंड पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में सक्रिय है। इसी झुंड से अलग हुए दो हाथी लगातार गांवों और सड़कों के आसपास घूम रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई है। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों को रात के समय विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है। देर रात हाथियों के सड़क पर आ जाने से रायगढ़–सुंदरगढ़–तमनार मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हाथियों ने लंबे समय तक सड़क पर डेरा जमाए रखा, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई वाहन चालक घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। शुक्रवार सुबह तक भी मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बनी रही। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों से हाथियों के पास न जाने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाथियों के हमले में अब तक दो लोग घायल हुए हैं। स्थिति को गंभीर देखते हुए विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही आधा दर्जन से अधिक गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात के समय जंगल या हाथियों की आवाजाही वाले इलाकों में नहीं जाने तथा वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विभाग की टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस भेजने का प्रयास कर रही हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने रायगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ बंदरों के हमले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर हाथियों की मौजूदगी से जनजीवन और यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से स्थायी समाधान निकालने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
