राजनांदगांव : पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सुरगी में स्थापना दिवस एवं कार्यशाला सम्पन्न
राजनांदगांव । पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सुरगी की स्थापना दिवस पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद रायपुर तथा पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सुरगी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषक प्रशिक्षण प्राप्त कर फल एवं सब्जियों का प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन करने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वर्तमान समय में केवल कृषि उत्पादन के साथ-साथ फल एवं सब्जियों का वैज्ञानिक कटाई उपरांत प्रबंधन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने धान के अलावा फसल चक्र में उद्यानिकी फसलों का समावेश करने कहा तथा युवाओं को व्यावसायिक खेती के लाभ के बारे में बताया।
अधिष्ठाता एवं प्रभारी कोर्डिनेटेड सेल पंडित शिवकुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सुरगी डॉ. विनम्रता जैन ने कहा कि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसानों की आय एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। पंडित शिव कुमार शास्त्री जी के पौत्र एवं समाजसेवी दिवाकर बाजपेयी ने पंडित शिव कुमार शास्त्री को स्मरण किया एवं उनके कृषि क्षेत्र में योगदान के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने स्थापना दिवस के इस अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजन के लिए महाविद्यालय को शुभकामनांए दी।
कार्यशाला में किसानों, कृषक, महिलाओं एवं ग्रामीण युवाओं को अतिरिक्त आय सृजन हेतु फल-सब्जियों की कटाई उपरांत प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन द्वारा उद्यमिता एवं कौशल विकास विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। कृषकों को प्रायोगिक तौर पर नेक्टर, पाईन एप्पल जूस, मुरब्बा, टमाटर सॉस, केचप, जैम एवं आरटीएस बनाना सिखाया गया। कार्यशाला में रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय एवं पान अनुसंधान केंद्र छुईखदान से प्राध्यापक (सब्जी विज्ञान) डॉ. बीएस असाटी ने टमाटर, मुनगा एवं पान से मूल्य-वर्धित उत्पाद बनाने की तकनीक के बारे में कृषकों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. अभय बिसेन एवं डॉ. एसपी शर्मा द्वारा फल एवं सब्जियों के कटाई उपरांत प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण, विपणन एवं उद्यमिता विकास से संबंधित विभिन्न तकनीकी विषयों पर व्याख्यान एवं प्रदर्शन के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कृषकों के साथ वैज्ञानिक परिचर्चा में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. नितिन तुर्रे, डॉ. एमके चंद्राकर, डॉ. शिवाजी लिमजे, डॉ. महेंद्र देशमुख, डॉ. पूजा साहू, डॉ. संतोष साहू सहित महाविद्यालय के समस्त स्टॉफ शामिल हुए। इस कार्यशाला में राकेश मिश्रा ने प्रायोगिक प्रशिक्षण में वैज्ञानिकों का सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. डीपी चौधरी, सह-प्राध्यापक (सस्य विज्ञान) एवं धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. अभय बिसेन, सह-प्राध्यापक (फल विज्ञान) द्वारा किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में कृषक, युवा शामिल हुए।
