मोहला : व्हीलचेयर बनी पूनम की जिंदगी का सहारा, मां के चेहरे पर लौटी मुस्कान
– दिव्यांगता के बावजूद अब आवागमन हुआ आसान, समाज कल्याण विभाग की पहल से मिला संबल
मोहला । किसी मां के लिए अपनी संतान को तकलीफ में देखना दुनिया का सबसे कठिन एहसास होता है। जब संतान अपनी भावनाएं व्यक्त न कर सके और रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो, तब मां की चिंता और बढ़ जाती है। ग्राम चापाटोला निवासी बीना बाई रावटे की जिंदगी भी ऐसी ही चुनौतियों से गुजर रही थी। उनकी बेटी पूनम रावटे, 80 प्रतिशत दिव्यांगता से प्रभावित है और उसे बहु-दिव्यांगता की श्रेणी में रखा गया है।
पूनम न बोल सकती है और न ही अपनी बात समझा सकती है। बेटी को इस अवस्था में देखकर मां बीना बाई अक्सर भावुक हो जाती थीं। दूसरे बच्चों को खेलते-कूदते और सामान्य जीवन जीते देखकर उनके मन में यही सवाल उठता था कि काश उनकी बेटी भी दूसरे बच्चों की तरह अपने पैरों पर चल-फिर पाती और अपनी खुशियां व्यक्त कर पाती।
बीना बाई बताती हैं कि पूनम की देखभाल के लिए उन्हें उसे अक्सर अपनी गोद में लेकर आना-जाना पड़ता था। इससे न केवल पूनम को असुविधा होती थी, बल्कि मां के लिए भी रोजमर्रा के काम काफी कठिन हो जाते थे। बेटी की मदद करने की इच्छा तो थी, लेकिन संसाधनों के अभाव में वह असहाय महसूस करती थीं।
इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि समाज कल्याण विभाग द्वारा मोहला में दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजित किया जा रहा है। उम्मीद लेकर बीना बाई अपनी बेटी पूनम को लेकर शिविर पहुंचीं। शिविर में पूनम की दिव्यांगता का परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें उसकी 80 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणित हुई। बीना बाई ने अपनी बेटी के आवागमन को सुगम बनाने के लिए व्हीलचेयर हेतु आवेदन किया। शिविर के माध्यम से उन्हें व्हीलचेयर प्राप्त हुई। व्हीलचेयर मिलते ही पूनम के साथ-साथ उसकी मां बीना बाई के जीवन में भी एक बड़ा बदलाव आया। अब पूनम को हर जगह गोद में लेकर जाने की मजबूरी कम हुई और उसका आवागमन पहले की अपेक्षा आसान हो गया। बीना बाई के लिए यह सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि उनकी बेटी की देखभाल में मिला एक मजबूत सहारा और नई उम्मीद है।
बीना बाई कहती है कि पहले मुझे अपनी बेटी को गोद में लेकर आना-जाना पड़ता था। मैं उसकी हालत देखकर बहुत दुखी हो जाती थी और चाहती थी कि किसी तरह उसकी मदद कर सकूं। व्हीलचेयर मिलने के बाद मुझे बहुत राहत मिली है। अब मेरी बेटी को साथ लेकर आना-जाना आसान हो गया है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी मदद है। उन्होंने अपनी बेटी के जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ ही जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया।
