CG : नशामुक्ति की राह पर आगे बढ़ा ग्राम बनबगौद, महिलाओं ने संभाली कमान
सुबह-शाम गांव में गश्त लगाकर महिलाओं का जागरूकता अभियान, युवाओं को नशे से दूर रखने लिया संकल्प
धमतरी, जिले में नशामुक्ति को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता प्रयासों को ग्राम स्तर पर भी व्यापक जनसहयोग मिल रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से दूर आदिवासी बाहुल्य ग्राम बनबगौद (कुकरेल) की महिलाओं ने नशे के विरुद्ध अनुकरणीय पहल शुरू की है। गांव के करीब 30 स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं एकजुट होकर ग्राम को नशामुक्त बनाने के लिए आगे आई हैं।
नशे के कारण परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को करीब से देखने वाली इन महिलाओं ने अब इसे केवल सामाजिक समस्या मानकर चुप रहने के बजाय स्वयं इसके खिलाफ मोर्चा संभाला है। गांव के कई युवाओं के नशे की गिरफ्त में आने से दुर्घटनाओं में असमय मृत्यु, परिवारों की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव तथा नवविवाहित परिवारों के उजड़ने जैसी घटनाओं ने महिलाओं को इस दिशा में ठोस पहल के लिए प्रेरित किया।
महिलाएं सुबह और शाम गांव में सामूहिक रूप से गश्त लगाती हैं तथा नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नारे लगाती हैं। वे युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूरी बनाने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील कर रही हैं। महिलाओं का यह अभियान सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
अभियान प्रारंभ करने से पहले महिलाओं ने ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इस पहल की जानकारी साझा की तथा उनके सहयोग और सहमति का आग्रह किया। ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष एवं सचिव ने महिलाओं की पहल का समर्थन करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। इससे गांव में नशामुक्ति के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूती मिली है।
महिलाओं के इस उत्साह और सामाजिक सरोकार को प्रोत्साहित करने के लिए मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को ग्राम बनबगौद में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा महिलाओं को नशामुक्ति अभियान में उपयोग के लिए टोपी और बिगुल प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगरी, उप संचालक समाज कल्याण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
ग्राम बनबगौद की महिलाओं की यह पहल संदेश देती है कि जब समाज की मातृशक्ति किसी सकारात्मक बदलाव का संकल्प लेती है, तो वह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकता है। नशामुक्त गांव की दिशा में महिलाओं का यह प्रयास युवाओं के सुरक्षित भविष्य, स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की नींव मजबूत करने की प्रेरणादायी मिसाल बन रहा है।
