राजनांदगांव , गणेशोत्सव में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मिट्टी की प्रतिमाओं के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। ‘मिट्टी के गणेश’ अभियान के बीच नगर निगम ने भी पीओपी से बनने वाली गणेश प्रतिमाओं पर सख्ती शुरू कर दी है। निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने शहर के विभिन्न प्रतिमा निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर मूर्तिकारों से मिट्टी से प्रतिमा बनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटी हो या बड़ी, किसी भी गणेश प्रतिमा में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) का इस्तेमाल करते पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मूर्तिकारों ने बताया कि वे प्रतिमा निर्माण में पीओपी का उपयोग नहीं कर रहे हैं। काली मिट्टी अथवा कछारी मिट्टी में पैरा मिलाकर प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। आयुक्त ने कहा कि पीओपी पानी में आसानी से घुलता नहीं है और विसर्जन के बाद जलस्रोतों को प्रदूषित करता है। इसलिए गणेश प्रतिमाओं का निर्माण मिट्टी से ही किया जाना चाहिए।
निर्माण से लेकर बिक्री तक कर रहे निगरानी आयुक्त ने निगम के स्वास्थ्य एवं नजूल अमले को प्रतिमा निर्माण स्थलों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीओपी की प्रतिमा बनाते या बेचते पाए जाने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाए। ‘मिट्टी के गणेश’ अभियान का उद्देश्य भी पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा देना है।
