राजनांदगांव, शहर के पं. किशोरीलाल शुक्ल विधि महाविद्यालय में मंगलवार को विधि शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू हुआ। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल ने महाविद्यालय में एलएलएम कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खास बात यह रही कि न्यायमूर्ति अग्रवाल इसी शहर के रहने वाले और इसी विधि महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। वर्ष 1985 में उन्होंने यहीं से विधि की उपाधि हासिल की थी।
न्यायमूर्ति अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने छात्र जीवन और राजनांदगांव से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट और केंद्रित रखना चाहिए। इसके लिए निरंतर मेहनत करने के साथ उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और सार्थक उपयोग करना जरूरी है। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने विद्यार्थियों को समय के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अनावश्यक समय व्यर्थ नहीं करने और अपनी ऊर्जा का उपयोग अध्ययन, ज्ञानवर्धन, कौशल विकास तथा निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से शैक्षणिक संसाधनों और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग कर भविष्य मजबूत बनाने का आह्वान किया। समारोह के अंत में नांदगांव शिक्षा मंडल के अध्यक्ष एवं सचिव ने न्यायमूर्ति अग्रवाल को शॉल व स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. अलका चौहान ने आभार माना। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। महाविद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि एलएलएम के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय विधि शिक्षा, गहन कानूनी अध्ययन और शोध के नए अवसर मिलेंगे।
