राजनांदगांव : गोधाम कागजों में, गौशाला-कांजी हाउस फुल, मवेशियों के खून से सन रहीं सड़कें …
राजनांदगांव l राजनांदगांव सड़कों पर घुमंतू मवेशियों की मौत थम नहीं रही है। रविवार रात फिर तेज रफ्तार वाहन ने 7 मवेशियों को कुचल दिया। सभी की मौके पर ही मौत हो गई। मवेशियों के शव कई टुकड़े में फैल गए। हादसा हल्दी वार्ड में शिवनाथ नदी पर बने पुल पर हुआ। महीनेभर के भीतर ही हाईवे में 60 से अधिक गायों की मौत सड़क हादसे में हो चुकी है। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने टीम भी बनाई है। लेकिन पेट्रोलिंग टीम सिर्फ भीतरी हिस्से में निगरानी कर रही है। शहर के आउटर में बैठ रहे मवेशियों को देखने वाला कोई नहीं है। जिससे हादसे और गौवंशों की मौतें नहीं थम रही है। गंभीर विषय यह भी है कि घुमंतू मवेशियों को रखने के लिए प्रशासन के पास विकल्प भी नहीं हैं। शहर के सभी 6 कांजी हाउस फुल हो चुके हैं। यहां अब नए मवेशियों को रखने की जगह नहीं हैं। वहीं आसपास के गौशाला में भी क्षमता से अधिक मवेशी मौजूद है। इधर प्रशासन की गोधाम योजना भी अब तक सिर्फ प्रस्तावों में अटकी है। ऐसे में प्रशासन के पास भी हाईवे से सिर्फ मवेशियों को हंकालने के अलावा कोई विकल्प नहीं मौजूद नहीं हैं। लगातार हो रहे हादसे और मवेशियों के अधिक जमावड़े वाले हिस्से को चिन्हित करने सर्वे किया गया था। इसके बाद अंजोरा से चिचोला तक करीब 13 ब्लैक स्पॉट मार्क किए गए।
सड़कों से मवेशी हटाने टीम लगातार काम कर रही है ^ सड़कों से मवेशी हटाने के लिए नगर निगम की टीम लगातार काम कर रही है। घुमंतू मवेशियों का भी धरपकड़ कर कांजी हाउस में डाला जा रहा है। बनाई गई टीम के अलावा काउ कैचर की टीम भी रात तक काम रही है। जीआर मरकाम, आयुक्त ननि
फसल को नुकसान से बचाने गांवों से खदेड़ रहे इन दिनों धान की फसल लगी गई है। ग्रामीण इलाकों में घूमंतू सहित दूसरे मवेशी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीण इलाकों से मवेशियों को शहर में खदेड़ा जा रहा है। बीते कुछ सालों में इसमें बढ़ोतरी हुई है। राजनांदगांव ब्लाक के अलग-अलग गांव से मवेशियों को शहर तक खदेड़ा जा रहा है।
अब मवेशी मालिकों की पहचान व कार्रवाई जरूरी शहर के आउटर में बैठ रहे मवेशी आसपास के गांव के ही। इन्हें फसल को देखते हुए खदेड़ा जा रहा है। यही मवेशी हादसे का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मवेशी मालिकों की पहचान करने और ऐसे मालिकों पर भी कार्रवाई करने की जरूरत है।
