खैरागढ़ l कला और संस्कृति की नगरी खैरागढ़ की बेटी प्रो. डॉ. मांडवी सिंह ने एक बार फिर शहर का गौरव बढ़ाया है। उन्हें लखनऊ स्थित भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति के पद पर तीन वर्ष के लिए पुनर्नियुक्त किया गया है। राज्यपाल व विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उनकी नियुक्ति की है। पुनर्नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद खैरागढ़ के कला, संगीत और सांस्कृतिक जगत में खुशी का माहौल है।
प्रो. डॉ. मांडवी सिंह का खैरागढ़ की कला परंपरा से गहरा जुड़ाव रहा है। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कुलपति पद की जिम्मेदारी दो कार्यकाल तक संभाली और वर्ष 2011 से 2020 तक विश्वविद्यालय का नेतृत्व किया। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की प्रथम कुलपति बनने का गौरव मिला। कथक की जानी-मानी कलाकार होने के साथ शिक्षाविद् और कुशल प्रशासक के रूप में उन्होंने कला शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
दो प्रतिष्ठित संगीत विश्वविद्यालयों का नेतृत्व, खैरागढ़ के लिए गौरव: अपने ही शहर के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से लेकर लखनऊ के भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय तक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालना प्रो. डॉ. सिंह के साथ खैरागढ़ की कला-संस्कृति के लिए भी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भातखण्डे विश्वविद्यालय में पहली कुलपति के रूप में कार्य करने के बाद अब उन्हें दूसरी पारी के लिए जिम्मेदारी मिलना उनके नेतृत्व और अनुभव पर भरोसे को दर्शाता है। उनकी उपलब्धि खैरागढ़ की उस समृद्ध कला परंपरा को भी रेखांकित करती है, जिसने देशभर में संगीत, नृत्य और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक प्रतिभाओं को पहचान दिलाई है।