राजनांदगांव , प्रदेश के सबसे बड़े ऑटोनॉमस दिग्विजय कॉलेज में विद्यार्थियों को एडमिशन देने तीन मेरिट सूची जारी की गई। वहीं तीन बार काउंसिलिंग करनी पड़ी। इसके बाद यूजी गणित संकाय में 25 सीटें खाली रह गई। एडमिशन की अंतिम तिथि तक बीए, बी. कॉम सहित अन्य संकायों की सीटें भर चुकी है। इसमें वह बच्चे भी शामिल है जिन्होंने गणित संकाय में कक्षा 12वीं पास की। फ़र्स्ट ईयर में बीए, बीकॉम में एडमिशन लिया। गणित संकाय में ग्रेजुएशन से बेहतर बीए में ग्रेजुएशन और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय है।
कॉलेजों में लागू नई शिक्षा नीति के तहत अब एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पहले समेस्टर का टाइम टेबल जारी किया किया गया। विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर यह भी है कि अगले समेस्टर में पढ़ाई कर विद्यार्थी पिछले सेमेस्टर की एटीकेटी की पात्रता मिली थी उसकी परीक्षा दे पाएंगे। विगत दिनों इस पर रोक लगी थी और यूनिवर्सिटी से गाइड लाइन नहीं आने से संशय था।
समय पर 50 सीटें भर गईं बीजेएमसी में रुझान बढ़ा जिले के केवल दिग्विजय कॉलेज में सबसे पहले बीजेएमसी बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पत्रकारिता का कोर्स शुरू किया गया था। पहले यहां 25 और बाद में बढ़ कर 50 सीटें हो गई। हर साल इस संकाय में एडमिशन लेने में विद्यार्थी रुचि नहीं लेते थे। इस सत्र में ऐसा पहली बार हुआ है जब पहले मेरिट सूची और काउंसिलिंग होने के साथ इस संकाय की सभी 50 सीटें भर चुकी है। कॉलेज में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की पढ़ाई कराने एक स्पेशल स्टूडियों बनाया गया है।
सरकारी नौकरी में ज्यादा रुझान दिग्विजय कॉलेज में बीए, बी. कॉम में एडमिशन लेने वाले, देवेन्द्र वर्मा, भोज साहू, तिलक सिन्हा, अमित सोनी एवं अन्य ने बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा गणित और बायो विषय में उत्तीर्ण की है। लेकिन अब बीए, बी.कॉम में प्रवेश लिया। उनका कहना है गणित और बायो में सालभर नियमित क्लासेस, प्रैक्टिकल करना होता है। जबकि बीए और बी.कॉम संकाय में ऐसा नहीं है। सरकारी नौकरी में ज्यादा रुझान है।
