डोंगरगांव | शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खपरी कला में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति व परंपरा को सहेजने के लिए पोला उत्सव मनाया गया। मिट्टी से निर्मित आकर्षक बैलों की प्रतिमाओं को सजाकर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। शिक्षकों ने बताया कि यह पर्व किसानों के जीवन में बैलों के अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति से संबंधित गीत, कविता व विचार प्रस्तुत की गई। गतिविधि प्रभारी शिक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि हमारी लोक परंपरा हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों को अपनी संस्कृति एवं परंपरा के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।