शैक्षणिक गुणवत्ता में बेहतर करने दिया गया जोर
अम्बिकापुर , कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर सेवा संकल्प अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं विभागीय निर्देशों के पालन के संबंध में निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की जिला स्तरीय बैठक जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा की अध्यक्षता में जिला शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर में आयोजित की गई। बैठक में निजी विद्यालयों के सुचारू संचालन, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निर्धारित मानकों के पालन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सेवा संकल्प अभियान में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा ने बैठक में निर्देशित किया कि सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर से होकर 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। अभियान के अंतर्गत सभी निजी विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की बढ़-चढ़कर सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विद्यालय, संकुल, विकासखंड एवं जिला स्तर पर निबंध, भाषण, रंगोली, गायन एवं लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाए। प्रत्येक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को ससम्मान आमंत्रित किया जाए तथा मशाल रैली का भी आयोजन किया जाए। अभियान के लिए उपलब्ध कराई जा रही विस्तृत कार्ययोजना के अनुरूप सभी गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। अभियान के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मान्यता की शर्तों एवं शासकीय निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों का संचालन करें जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि निजी विद्यालय शासन के महत्वपूर्ण अंग हैं।
जिले में लगभग 40 प्रतिशत विद्यार्थी निजी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। ऐसे में शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचाना तथा उनके शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सभी निजी विद्यालय अपनी मान्यता की निर्धारित शर्तों, विभागीय आदेशों-निर्देशों एवं अपने द्वारा दिए गए शपथ पत्र के अनुरूप विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, आवश्यक सुविधाओं एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बेहतर व्यवस्था की जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभिभावक अपने परिश्रम की कमाई का बड़ा हिस्सा फीस के रूप में विद्यालयों को देते हैं और अपने बच्चों के बेहतर शैक्षणिक परिणाम की अपेक्षा रखते हैं। इसलिए निजी विद्यालयों को विद्यार्थियों की शिक्षा एवं परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार के लिए गंभीरता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने गत सत्र के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए कहा कि निजी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शासकीय विद्यालयों की तुलना में लगभग 3 से 4 प्रतिशत कम रहा है। आगामी बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाए।
विद्यार्थियों के साथ संवेदनशील व्यवहार एवं समानता सुनिश्चित करने पर जोर डॉ. झा ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षक विद्यार्थियों के साथ संवेदनशीलता एवं बेहतर व्यवहार रखें। बच्चों के साथ धर्म या जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी विद्यार्थियों को समान अवसर एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग निजी विद्यालयों की नियमानुसार समस्याओं एवं परेशानियों के त्वरित समाधान हेतु प्रतिबद्ध है। विभाग द्वारा यथासंभव समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जा रहा है। निजी विद्यालय भी विभाग एवं अभिभावकों की अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें। मान्यता की शर्तों, शपथ पत्र एवं विभागीय निर्देशों का समय पर पालन करें। विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी प्राचार्यों एवं प्रबंधकों से विद्यालयों के बेहतर संचालन हेतु हर संभव प्रयास करने तथा भविष्य में सभी विषयों की नियमित समीक्षा बैठकों में आवश्यक प्रगति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा बैठक में सहायक संचालक श्री रवि शंकर तिवारी द्वारा विद्यालयों के सुचारू संचालन, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के पालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कर निजी विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रबंधकों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं मान्यता की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के हित में शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
