CG : आरोपी टामन सोनवानी की सुरक्षा में बड़ी चूक, जेल प्रहरी बर्खास्त …
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी घोटाले के आरोपी और विचाराधीन बंदी टामन सिंह सोनवानी की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जांच में तीन जेल प्रहरियों को कर्तव्य में गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार माना गया है। इनमें से एक प्रहरी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि दो अन्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार सीजीपीएससी घोटाला प्रकरण के मुख्य आरोपी टामन सिंह सोनवानी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते रायपुर के मेकाहारा अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में उपचार के लिए लाया गया था। अस्पताल में उनकी सुरक्षा के लिए जेल प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अस्पताल परिसर में विचाराधीन बंदी को सुरक्षा नियमों के तहत रखा जाए। उसे हथकड़ी लगाकर रखने, परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति से मुलाकात नहीं कराने और किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ने के निर्देश थे। इसके बावजूद इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। मामला उस समय सामने आया जब अस्पताल में उपचार के दौरान टामन सोनवानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह बिना हथकड़ी के दिखाई दे रहा था और अपनी पत्नी तथा एक अन्य व्यक्ति से मुलाकात करते नजर आया। इसके बाद जेल प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया।
मामले की प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान को दी गई। जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की पड़ताल की गई। जांच प्रतिवेदन में तीन जेल प्रहरियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का जिम्मेदार पाया गया। जांच में जिला जेल बलौदाबाजार के प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी, जिला जेल दंतेवाड़ा के प्रहरी नागेन्द्र कुमार महतो और जिला जेल रायगढ़ के प्रहरी पवन कुमार लहरे की लापरवाही सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक ड्यूटी के दौरान निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण विचाराधीन बंदी को बिना हथकड़ी के रहने और बाहरी लोगों से मिलने की स्थिति बनी।
मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए केंद्रीय जेल रायपुर के जेल अधीक्षक ने प्रशासनिक कार्रवाई की। जिला जेल बलौदाबाजार के प्रहरी संदीप कुमार महेश्वरी को 29 सितंबर 2026 से सेवा से पदच्युत कर दिया गया है। आदेश में पूर्व में जेल नियमावली के उल्लंघन से जुड़े मामलों और वर्तमान प्रकरण में सामने आए गंभीर कदाचार का भी उल्लेख किया गया है। आदेश में कहा गया है कि जेल विभाग जैसी संवेदनशील शासकीय सेवा में अनुशासनहीनता और सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर मामला है। ऐसे कर्मचारियों का सेवा में बने रहना जनहित में उचित नहीं माना गया। इसी आधार पर संदीप कुमार महेश्वरी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
वहीं, जिला जेल दंतेवाड़ा के प्रहरी नागेन्द्र कुमार महतो और जिला जेल रायगढ़ के प्रहरी पवन कुमार लहरे के खिलाफ भी कर्तव्य में लापरवाही को लेकर विभागीय प्रक्रिया के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। पूरे मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हलचल मची हुई है। विचाराधीन बंदियों की अस्पताल पेशी और उपचार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। जेल प्रशासन ने मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की है और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं।
