मनीष त्रिपाठी-दुर्ग जिला ब्यूरो चीफ
दुर्ग – नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक मंगलवार को हंगामे के साथ शुरू हुई। साइंस कॉलेज से कैनाल रोड होते हुए दुर्ग रेलवे स्टेशन तक सड़क के डामरीकरण के लिए 5.22 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर सदन में करीब दो घंटे तक तीखी बहस चली।
बैठक में जानकारी सामने आई कि यह टेंडर पहले चार बार निरस्त हो चुका है। भाजपा पार्षदों ने ही आरोप लगाया कि टेंडर बार-बार एक ही पिता-पुत्र की फर्म को दिया जा रहा है। इसी बात को लेकर सत्ता पक्ष के पार्षदों में ही आपस में बहस हो गई और महापौर अल्का बाघमार को घेर लिया गया।
महापौर ने दिया जवाब –
हंगामे पर महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि 10 लाख से अधिक के सभी टेंडर ऑनलाइन होते हैं, इसमें कोई भी पात्र एजेंसी भाग ले सकती है। इसमें भेदभाव की कोई बात नहीं है।
शहर की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल –
टेंडर के अलावा शहर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी पार्षदों ने नाराजगी जताई।
- कई वार्डों में स्ट्रीट लाइट बंद है
- पेयजल आपूर्ति अनियमित है
- सड़कों और सफाई व्यवस्था बदहाल है
पार्षदों का कहना था कि विकास कार्य धीमी गति से हो रहे हैं, जिसके कारण उन्हें जनता के सवालों का सामना करना पड़ता है। कुछ पार्षदों ने तो कहा कि वार्ड में गमछा डालकर निकलना पड़ता है।
पद्मनाभपुर के पार्षद संजय अग्रवाल ने हर दो महीने में सामान्य सभा बुलाने के वादे पर भी सवाल उठाया।।