CG : प्राचार्य पर व्याख्याता को पिटवाने और जान से मारने की सुपारी देने का आरोप…
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र स्थित शासकीय हाईस्कूल धौराभाठा की प्राचार्य इंदिरा गेंदले के खिलाफ एक व्याख्याता ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। व्याख्याता राजेश कुमार सोनी ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने उन्हें पिटवाने, हाथ-पैर तुड़वाने और जान से मारने के लिए कथित तौर पर सुपारी देने जैसी बातें कही हैं। मामले को लेकर उन्होंने कोटा थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बातचीत की एक वाइस रिकॉर्डिंग सौंपे जाने की बात भी कही है। हालांकि, रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाज और उसमें कही गई बातों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है और उसमें हुई बातचीत का पूरा संदर्भ क्या है। राजेश कुमार सोनी के मुताबिक, वह 31 अगस्त को अर्धवार्षिकी आयु पूरी होने के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका दावा है कि शासन के नियमानुसार उन्हें 30 अप्रैल 2027 तक उसी स्कूल में व्याख्याता के पद पर कार्यरत रहना था। इसी दौरान प्रतिस्थापना से संबंधित आवेदन देने को लेकर उनका प्राचार्य के साथ विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी विवाद के बाद उनके खिलाफ माहौल खराब हो गया। शिकायत में राजेश ने आरोप लगाया है कि विवाद के बाद प्राचार्य इंदिरा गेंदले ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोबरीपाट में पदस्थ लिपिक नितेश कुमार सोनचे को अपने कार्यालय में बुलाया।
यहां कथित तौर पर प्राचार्य ने राजेश को कूटने, उनके हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने के लिए किसी व्यक्ति को सुपारी देने जैसी बातें कहीं। शिकायतकर्ता के अनुसार, लिपिक नितेश कुमार सोनचे ने इस बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था। बाद में कथित तौर पर वही रिकॉर्डिंग राजेश के मोबाइल पर भेजी गई। राजेश ने पुलिस को दी शिकायत में इस रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। व्याख्याता का कहना है कि रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद वह और उनका परिवार काफी भयभीत है। उन्हें अपनी तथा परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर आशंका बनी हुई है। इसी वजह से उन्होंने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। राजेश ने शिकायत में यह भी बताया है कि उन्होंने 15 सितंबर से स्कूल जाना बंद कर दिया है। उनका आरोप है कि प्राचार्य द्वारा कथित तौर पर मनमानी की जा रही है और विवाद के बाद परिस्थितियां उनके लिए प्रतिकूल हो गई हैं।
उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब मामले में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे पहले शिकायत में दी गई। वाइस रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर यह पता लगाना होगा कि उसमें आवाज किसकी है और रिकॉर्डिंग से किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। इसके अलावा बातचीत में वास्तव में क्या कहा गया था और उसका संदर्भ क्या था, इसकी भी जांच जरूरी होगी। पुलिस शिकायतकर्ता, प्राचार्य और कथित बातचीत में मौजूद अन्य लोगों के बयान दर्ज कर सकती है। रिकॉर्डिंग के अलावा अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल कोटा पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा कि व्याख्याता द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई बनती है।
