CG : धर्म बदलने के दबाव से परेशान युवक ने की थी आत्महत्या, कोर्ट ने सुनाई सजा …
धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धर्मांतरण के कथित दबाव से परेशान होकर युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने युवक की पत्नी, सास-ससुर और दो सालियों सहित पांच लोगों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के पोटियाडीह गांव का है, जहां 6 सितंबर 2024 को लिनेश साहू नामक युवक ने आत्महत्या कर ली थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोटियाडीह गांव निवासी लिनेश साहू की आत्महत्या के मामले में उसके ससुराल पक्ष के पांच लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए लगातार दबाव बनाने का आरोप लगा था। आरोप था कि लिनेश की पत्नी करुणा बाई साहू, ससुर राजकुमार साहू, सास गौरी साहू और दोनों सालियां किरण साहू तथा कनिष्का साहू उस पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे। बताया गया कि लिनेश साहू धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार नहीं था और उसने कई बार इसका विरोध किया था। इसके बावजूद आरोपियों की ओर से दबाव बनाए जाने का आरोप था। इस स्थिति से परेशान होकर युवक ने 6 सितंबर 2024 को आत्महत्या कर ली थी।
घटना से पहले लिनेश ने अपने व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टेटस लगाकर अपनी परेशानी के बारे में जानकारी साझा की थी। बताया गया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने ऊपर बनाए जा रहे दबाव का उल्लेख किया था। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। युवक की मौत के बाद यह मामला सामने आया और ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगे। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई थी। मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी और प्रकरण अदालत तक पहुंचा।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना भास्कर की अदालत में हुई। न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के बाद पांचों आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने पत्नी करुणा बाई साहू, ससुर राजकुमार साहू, सास गौरी साहू और दोनों सालियां किरण साहू तथा कनिष्का साहू को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कारावास की सजा के साथ सभी दोषियों पर पांच-पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस प्रकार पांचों दोषियों पर कुल 2,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। मामले में लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।
यह मामला धर्म परिवर्तन के कथित दबाव और उससे जुड़ी आत्महत्या के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा। अभियोजन के अनुसार, युवक को उसकी इच्छा के विरुद्ध धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में युवक द्वारा आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा किए जाने की बात भी सामने आई थी। अदालत के फैसले के बाद इस मामले में दोषी पाए गए पांचों लोगों को कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। हालांकि, फैसले में लागू की गई विशिष्ट कानूनी धाराओं और विस्तृत न्यायिक निष्कर्षों की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। पोटियाडीह गांव में 6 सितंबर 2024 को हुई लिनेश साहू की मौत के मामले में यह फैसला सामने आया है। न्यायालय ने युवक की पत्नी सहित उसके ससुराल पक्ष के पांच सदस्यों को दोषी ठहराया है। इस प्रकरण में अदालत के आदेश के अनुसार प्रत्येक दोषी को पांच साल का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है।
