रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर ग्रामीण महिलाओं से 70 लाख 77 हजार 901 रुपये की कथित ठगी करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को तमनार क्षेत्र के उसके गांव के पास से पकड़ा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त किया है और बैंक खातों से संबंधित जानकारी जुटाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से निवेश के नाम पर की गई कथित धोखाधड़ी से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इससे पहले पुलिस महिला आरोपी मेनका सारथी को गिरफ्तार कर चुकी है। उससे पूछताछ के दौरान मिनकेतन सिदार की भूमिका सामने आई थी।
शेयर मार्केट में पैसा दोगुना करने का दिया था लालच पुलिस के अनुसार, ठगी का यह मामला थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम जतरी और आसपास के गांवों से जुड़ा है। यहां रहने वाली महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश करने पर कम समय में मोटा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया था। ग्राम जतरी निवासी हारा बाई निषाद (36 वर्ष) सहित अन्य महिलाओं ने शिकायत में बताया कि मेनका सारथी अपने मायके आने पर गांव की महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश के फायदे बताती थी। मेनका का विवाह सक्ती जिले के ग्राम बरतुंगा निवासी अक्षय सारथी से हुआ है। आरोप है कि वह महिलाओं को बताती थी कि वह और उसका पति शेयर मार्केट में पैसा लगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि यदि वे उनके बताए अनुसार निवेश करती हैं, तो उनकी रकम कम समय में दोगुनी हो जाएगी। यहां तक कहा गया कि निवेश की रकम दोगुनी नहीं हुई तो वे अपनी गारंटी पर दोगुनी राशि वापस दिलाएंगे। इसी भरोसे में आकर कई महिलाओं ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से बड़ी रकम देना शुरू कर दिया।
10 महिलाओं से लाखों रुपये लेने की शिकायत शिकायत के अनुसार, 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच अलग-अलग महिलाओं से लाखों रुपये प्राप्त किए गए। पीड़ित महिला का नाम शिकायत में बताई गई रकम- हारा बाई निषाद ₹17,53,000, आरती सिदार ₹3,00,000, अनिता निषाद ₹17,24,000, दुजकुंवर यादव ₹5,00,000, सुशीला निषाद ₹1,80,000, मोहनमती सिदार ₹3,30,000, मुन्नी बाई सारथी ₹3,40,000, पुष्पा सिदार ₹9,00,000, फुलबाई यादव ₹3,00,000, विष्णु प्रिया निषाद ₹7,50,
000 है। इन दस महिलाओं से प्राप्त रकम का कुल योग 70 लाख 77 हजार रुपये है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में कुल 70 लाख 77 हजार 901 रुपये प्राप्त किए जाने का उल्लेख है। पहले मुनाफा दिया, फिर बंद कर दी रकम की वापसी शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में मेनका सारथी ने कुछ निवेशकों को मुनाफे के रूप में रकम वापस की थी। इससे महिलाओं का विश्वास बढ़ा और उन्होंने अधिक पैसा निवेश करना शुरू कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद आरोपियों ने मुनाफे का भुगतान बंद कर दिया। महिलाओं को उनकी मूल रकम भी वापस नहीं मिली। जब पीड़ित महिलाओं ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें पता चला कि उनकी रकम शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय कथित तौर पर निजी उपयोग में ली गई थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पैसे वापस मांगने पर महिलाओं को धमकियां दी गईं। कुछ महिलाओं ने दूसरे बैंकों से ऋण लेकर निवेश के लिए रकम दी थी। अब उन्हें अपने स्तर पर उन ऋणों की किस्तें चुकानी पड़ रही हैं।
22 जुलाई को दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का मामला मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बैंक खातों के लेनदेन, पीड़ित महिलाओं के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 22 जुलाई 2026 को साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 11/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महिला आरोपी के तीन बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली। 6 अक्टूबर को पकड़ी गई थी महिला आरोपी पुलिस ने जांच के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर सक्ती जिले के ग्राम बरतुंगा में दबिश दी थी। यहां से 6 अक्टूबर 2026 को मेनका सारथी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मेनका ने पुलिस को बताया कि वह पहले रायगढ़ के ढिमरापुर इलाके में किराये के मकान में रहती थी। इसी दौरान उसकी पहचान मिनकेतन सिदार से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि मिनकेतन ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने की योजना बनाई थी। इसके बाद मेनका ने अपने पति अक्षय सारथी और मां मीरा सोनवानी को भी इस गतिविधि से जोड़ा। पति और मां की भी सामने आई भूमिका पुलिस जांच के अनुसार, अक्षय सारथी महिलाओं को निवेश पर अधिक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाने और रकम के लेनदेन से संबंधित जानकारी रखने में सहयोग करता था। वहीं, मीरा सोनवानी पर महिलाओं को निवेश के लिए प्रेरित करने, नकद रकम लेने और उसे बैंक खातों में जमा कराने में सहयोग करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि महिलाओं से प्राप्त रकम का अलग-अलग लोगों के माध्यम से लेनदेन किया जाता था। पुलिस ने मेनका सारथी से मोबाइल फोन, तीन बैंक खातों की जानकारी और एटीएम कार्ड जब्त किए थे। इसके बाद अन्य आरोपियों की तलाश जारी रखी गई। तमनार से दबोचा गया मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार साइबर थाना रायगढ़ की टीम को मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार के तमनार क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके गांव के पास दबिश देकर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाने लाया। जांच में अपराध से संबंधित साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मिनकेतन सिदार, पिता ब्रह्मा सिदार, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम आमगांव, थाना तमनार, जिला रायगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त किया है। साथ ही उसके बैंक खाते से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है। न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी, जांच जारी पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद मिनकेतन सिदार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी शेष है। साइबर थाना पुलिस बैंक खातों के लेनदेन और कथित धोखाधड़ी से संबंधित साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिलाओं से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया और मामले में अन्य व्यक्तियों की क्या भूमिका रही। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
