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मनीष त्रिपाठी पत्रकार
मुख्य बिंदु
▪️ ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डाटा एंट्री का कार्य देने के नाम पर प्रार्थी से कुल ₹39,33,560 की धोखाधड़ी किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
▪️ प्रार्थी की शिकायत पर थाना सुपेला, चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 935/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
▪️ आरोपियों के बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने उत्तराखण्ड के हल्द्वानी, जिला नैनीताल में आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया।
▪️ पुलिस टीम ने हल्द्वानी से राम निवास एवं राहुल बिष्ट को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जप्त किए।
▪️ प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले में थाना सुपेला एवं चौकी स्मृतिनगर पुलिस द्वारा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई।
मुख्य बिंदु
थाना सुपेला की चौकी स्मृतिनगर पुलिस ने डाटा एंट्री कार्य, डाटा रिकवरी एवं पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर ₹39,33,560 की धोखाधड़ी के प्रकरण में तकनीकी जानकारी के आधार पर उत्तराखण्ड से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जप्त किए।
संक्षिप्त विवरण
दिनांक 02.07.2026 को प्रार्थी राजेश कुमार चौरसिया, उम्र 57 वर्ष, निवासी नेहरू नगर, भिलाई, थाना सुपेला, जिला दुर्ग द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई। प्रार्थी के अनुसार, अक्टूबर 2025 में इंडिया मार्ट के माध्यम से मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क स्थापित कर ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, नोएडा (उत्तर प्रदेश) में डाटा एंट्री का कार्य दिलाने की बात कही गई। इसके बाद कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर मेडिकल, स्टील कारोबार, कंस्ट्रक्शन तथा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से संबंधित डाटा एंट्री का कार्य प्रारंभ कराया गया।
प्रार्थी के अनुसार, डाटा करप्ट होने की बात कहकर उसे ठीक करने के लिए विभिन्न सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा कराई गई। इस प्रकार प्रार्थी के आईडीएफसी बैंक खाते से कुल ₹39,33,560 की राशि छलपूर्वक प्राप्त कर धोखाधड़ी की गई।
शिकायत पर थाना सुपेला, चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 935/2026, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपियों के बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी प्राप्त कर पुलिस टीम को हल्द्वानी, जिला नैनीताल, उत्तराखण्ड रवाना किया गया। पुलिस टीम ने आरोपियों की लोकेशन का पता लगाकर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया तथा पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जप्त किए गए। इसके बाद आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
प्रारंभिक शिकायत के अनुसार, आरोपियों द्वारा डाटा एंट्री का कार्य उपलब्ध कराने के नाम पर संपर्क स्थापित किया गया। कार्य के दौरान डाटा करप्ट होने की बात कहकर उसे रिकवर करने तथा सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। इस प्रकार प्रार्थी से कुल ₹39,33,560 प्राप्त किए जाने का आरोप है। प्रकरण में आरोपियों की भूमिका एवं अन्य तथ्यों की विवेचना जारी है।
घटना स्थल
प्रार्थी के साथ ऑनलाइन संपर्क एवं बैंक खातों के माध्यम से कथित धोखाधड़ी की गई। प्रकरण थाना सुपेला, चौकी स्मृतिनगर, जिला दुर्ग में पंजीबद्ध है।
आरोपी का नाम
- राम निवास, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम मजहुवा गंगापुर, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश; वर्तमान पता त्रिमूर्ति मंदिर चौक के पास, कमलुआगांजा, थाना मुखानी, हल्द्वानी, जिला नैनीताल, उत्तराखण्ड।
- राहुल बिष्ट, उम्र 23 वर्ष, निवासी सर्वोदय कॉलोनी, फेस-03, हिम्मतपुर तल्ला, भगवानपुर, हल्द्वानी, थाना मुखानी, जिला नैनीताल, उत्तराखण्ड।
जप्त सामग्री
- घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला एवं चौकी स्मृतिनगर पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों से संबंधित तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया तथा पुलिस टीम द्वारा उत्तराखण्ड पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी एवं मोबाइल फोन की जप्ती की कार्रवाई की गई।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन कार्य, डाटा एंट्री जॉब अथवा घर बैठे कमाई के नाम पर किसी भी व्यक्ति या कंपनी पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। डाटा रिकवरी, सॉफ्टवेयर, पेमेंट रिलीज या अन्य तकनीकी सेवाओं के नाम पर अनजान व्यक्तियों द्वारा मांगी गई राशि बिना सत्यापन के जमा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल संबंधित बैंक को सूचना दें तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
