Rajnandgaon : ईडब्ल्यूएस लागू कराने और यूजीसी के विरोध में भिलाई में जुटेंगे राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता
23 अक्टूबर को राजनांदगांव से निकलेगी सवर्ण न्याय यात्रा , कमला कॉलेज चौक पर दोपहर 12 बजे एकत्रित होंगे पदाधिकारी और समर्थक
राजनांदगांव। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) से जुड़े प्रावधानों को छत्तीसगढ़ में लागू कराने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के विवादित प्रावधानों के विरोध में राजपूत करणी सेना ने आंदोलन का ऐलान किया है। 23 अक्टूबर, शुक्रवार को भिलाई के सिविक सेंटर में आयोजित होने वाले स्वर्ण न्याय यात्रा आंदोलन में शामिल होने के लिए राजनांदगांव से भी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रवाना होंगे। इसके लिए दोपहर 12 बजे कमला कॉलेज चौक पर एकत्रित होकर भिलाई के लिए प्रस्थान करने की अपील की गई है।
राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा)के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने समाज के लोगों और समर्थकों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस से जुड़े प्रावधानों को लागू कराने और यूजीसी के उस प्रावधान के विरोध में आवाज उठाने के लिए एकजुटता जरूरी है, जिस पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक होने की बात कही जा रही है।
संजय बहादुर सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलने वाले लाभ सुनिश्चित कराने के लिए सरकार पर दबाव बनाना आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि लोग अपने अधिकारों के लिए समय रहते आवाज नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
यूजीसी के मुद्दे पर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि किसी भी व्यवस्था में यदि उन्हें अन्याय नजर आता है तो उसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएं। उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि शिक्षा और समान अवसरों से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखने का प्रयास है।
राजपूत करणी सेना ने राजनांदगांव सहित आसपास के क्षेत्रों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अधिक से अधिक संख्या में भिलाई पहुंचने की अपील की है। शुक्रवार को कमला कॉलेज चौक से रवाना होने वाली रैली के जरिए संगठन अपनी मांगों और विरोध को आंदोलन स्थल तक पहुंचाएगा।
