खैरागढ़ l खैरागढ़ सहित छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब 19,500 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाले रायपुर–लखनादौन सिक्सलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने की जानकारी सामने आई है। लगभग 310 किलोमीटर लंबा यह महत्वाकांक्षी हाईवे रायपुर के कुम्हारी से धमधा और खैरागढ़ होते हुए मध्यप्रदेश के बालाघाट, बरघाट से लखनादौन तक प्रस्तावित है, जहां यह राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से जुड़ेगा।
राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडेय इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। डीपीआर तैयार होने से परियोजना की अगली प्रक्रियाओं को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इस कॉरिडोर के निर्माण से खैरागढ़ की रायपुर सहित मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होने के साथ क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है। सिक्सलेन कॉरिडोर तैयार होने पर खैरागढ़ के व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन, पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सड़क संपर्क अधिक सुविधाजनक हो सकता है: संगीत नगरी खैरागढ़ की पहचान को भी इससे नया विस्तार मिल सकता है। यहां स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में देशभर से आने वाले विद्यार्थी, कलाकार, शोधार्थी और कला-संगीत प्रेमियों के लिए सड़क संपर्क अधिक सुविधाजनक हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों, संगीत समारोहों और शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इसके साथ ही होटल, परिवहन, खानपान और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के हवाले से रायपुर से जबलपुर की यात्रा लगभग चार से साढ़े चार घंटे में पूरी होने का अनुमान भी सामने आया है, हालांकि वास्तविक समय अंतिम मार्ग और यातायात परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।