राजनांदगांव , शहर में सुरक्षित बचपन अभियान (ए पैन इंडिया स्कूल अवेयरनेस कैंपेन ऑन द प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन्स फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट, 2012) का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन में किया गया। प्रधान व सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता के निर्देशन में विद्यालयों में विशेष विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान के प्रथम चरण 26 से 31 तक विद्यालयों में संचालित किया जाएगा। इसी के तहत विधिक साक्षरता शिविर 26 अक्टूबर को ठाकुर प्यारे लाल सिंह नगर पालिका हायर सेकेंडरी विद्यालय में लगाया गया। इसमें व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पार्थ दुबे वक्ता के रूप में उपस्थित थे। न्यायाधीश दुबे ने विद्यार्थियों को कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं, साथ ही सुरक्षित व असुरक्षित व्यवहार की समझ होनी चाहिए। किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना डरे अपने अभिभावकों या शिक्षकों को तुरंत सूचित करें।
बच्चों के मन से डर को दूर करना इसका उद्देश्य है आज के युग में ऑनलाइन खतरों व साइबर अपराधों से खुद को सुरक्षित रखने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी गलत आचरण के खिलाफ चुप न बैठकर तुरंत आवाज उठाई जानी चाहिए। आपातकालीन स्थिति में नालसा हेल्प लाइन नंबर 15100, चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर संपर्क करें। बच्चों से डर दूर करना अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से इस डर को निकालना है कि कोई भी ऐसा सीक्रेट जो उन्हें डराता हो, उसे छिपाना नहीं चाहिए। इसी तरह बलदेव प्रसाद मिश्र स्कूल बसंतपुर में पॉक्सो एक्ट की जानकारी दी।
