राजनांदगांव , मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज कराने के लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन ढांचा एनएबीएच के छठवें संस्करण के मानकों पर तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डीएमई की ओर से भेजे गए विशेषज्ञों ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर मौजूदा व्यवस्था का आकलन किया। रोगी सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, उपचार की गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की जांच की। निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने कहा गया।
विशेषज्ञों ने चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने जरूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। इसमें मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण की रोकथाम, गुणवत्ता प्रबंधन और उपचार से संबंधित दस्तावेजों का व्यवस्थित संधारण प्रमुख रूप से शामिल रहा। गैप एनालिसिस और प्री-असेसमेंट के जरिए यह समझने का प्रयास किया गया कि अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था एनएबीएच के निर्धारित मानकों के अनुरूप कहां तक हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। इस दौरान प्रभारी डीन डॉ. अतुल देशकर, एनएबीएच के नोडल अधिकारी डॉ. सीएस इंदोरिया, उप अधीक्षक डॉ. पवन जेठानी, डॉ. अनुनिति, सहायक नर्सिंग अधीक्षक बीना, डॉ. पुष्पेंद्र नरेटी मौजूद रहे।
उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य केवल प्रमाणन की तैयारी नहीं, बल्कि अस्पताल में भर्ती और इलाज कराने वाले मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अफसरों में सीनियर स्पेशलिस्ट क्वालिटी एंड ऑपरेशंस डॉ. सौविक दास, सीनियर कंसल्टेंट हॉस्पिटल एंड क्वालिटी, जयेश तावड़े ने निरीक्षण किया। गैप एनालिसिस, प्री-असेसमेंट पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में मार्गदर्शन दिया।
