राजनांदगांव सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों की सहायता देने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना घोषित की गई है। योजना के तहत कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा व टूल किट निर्माता, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राज मिस्त्री, डलिया-चटाई व झाडू बनाने वाले, पारंपरिक गुडिय़ा और खिलौने बनाने
वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वालों को लाभान्वित किया जाएगा। सभी वर्गों को अपनी आईडी व पहचान पत्र के माध्यम से प्रशिक्षण, टूलकिट व डिजिटल मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाएगा। बैंक शाखाओं से पहले चरण में 1 लाख रुपए व दूसरे चरण में 2 लाख रुपए तक की सहायता राशि मात्र 5 प्रतिशत ब्याज पर दी जाएगी। योजना का लाभ लेने इच्छुक व्यक्ति जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र संयुक्त जिला कार्यालय भवन में संपर्क कर सकते हैं।
