जनपद पंचायत डोंगरगांव में सत्तारूढ़ भाजपा के निर्वाचित जनपद उपाध्यक्ष के विरूद्ध भाजपा-कांग्रेस के सदस्यों ने एकजुटता दिखाते हुए अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन प्राधिकृत अधिकारी कलेक्टर को सौंपा गया है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस सहित 18 सदस्यों के नाम व हस्ताक्षर हैं। अपने ही निर्वाचित उपाध्यक्ष मनीष साहू के खिलाफ लगभग एक वर्ष बीतने के बाद भाजपा के अध्यक्ष और सभापतियों द्वारा कांग्रेस सदस्यों से गठजोड़ करते हुए अविश्वास के नोटिस ने यहां की शांत पड़ी राजनीति में भूचाल लाकर सबको चौका दिया है।
जनपद पंचायत डोंगरगांव में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष मनीष को पद से हटाने की मांग को लेकर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े जनपद सदस्य एकजुट होते नजर आ रहे हैं। दोनों दलों के जनपद सदस्यों ने मिलकर कलेक्टर को प्रस्ताव सौंपते हुए जनपद उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
पक्षपातपूर्ण व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया: कलेक्टर को सौंपे प्रस्ताव में जनपद उपाध्यक्ष मनीष के विरूद्ध शासन के द्वारा स्वीकृत धर्मस्व विभाग के स्वीकृत कार्यों को ग्राम पंचायत के सरपंचों को दबाव देकर स्वयं ठेकेदारी करना का आरोप लगा है। 15 वें वित्त आयोग अंतर्गत जनपद पंचायत को प्राप्त राशि से अपने जनपद पंचायत क्षेत्र में अधिकाधिक कार्यों का स्वीकृति कर रकम की बंदरबाट व आबंटित कार्यों में अनियमितता, शिक्षा समिति के प्रस्ताव व अनुमोदन को सामान्य सभा के बैठक में न रखने का आरोप लगाया है।
