राजनांदगांव : चलित झांकियों में होंगे ब्रह्मा-विष्णु-महेश के दर्शन कांतारा की थीम, रामसेतु, खांडव प्रस्थ का भी चित्रण…राजनांदगांव : चलित झांकियों में होंगे ब्रह्मा-विष्णु-महेश के दर्शन कांतारा की थीम, रामसेतु, खांडव प्रस्थ का भी चित्रण…
राजनांदगांव , शहर में गणेश विसर्जन झांकी 25 की रात को निकलेगी। शहर में इस बार गणेश समितियों की झांकियों में पौराणिक कथाओं, धार्मिक प्रसंगों और पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेशों का संगम देखने मिलेगा। समितियों ने स्थानीय कलाकारों की मदद से चलित झांकियां तैयार की हैं। इनमें मूर्तियों की गतिविधियां, आकर्षक आर्च, प्लेटफार्म और रंगीन रोशनी दर्शकों का ध्यान खींचेंगे। वीरभद्र की कथा, श्रीकृष्ण की रासलीला, खांडव प्रस्थ, रामसेतु और वन्यजीव संरक्षण तक अलग-अलग विषयों को झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहेगी।
पुराना बस स्टैंड गणेश उत्सव समिति ने वीरभद्र की कथा पर आधारित एक विशाल झांकी तैयार की है। यह झांकी तीन जीपों पर सजेगी। कथा के विभिन्न प्रसंगों को चलित मूर्तियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। झांकी में ब्रह्मा, विष्णु, महेश के दर्शन होंगे। जीपों को आकर्षक रंग-रोगन के साथ तैयार किया है। आर्च और प्लेटफार्म की सजावट के साथ रंगीन रोशनी झांकी की शोभा बढ़ाएगी। शांति नगर केदारनाथ मंडल ने रामसेतु पर झांकी बनाई है।
भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला, कालिया नाग मर्दन: माता देवाला सोनारपारा समिति इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला को झांकी का विषय बना रही है। समिति पिछले तीन वर्षों से पौराणिक कथाओं पर आधारित जीवंत झांकियां तैयार कर रही है।
उमंग मंडल गणेश उत्सव समिति ने हमालपारा में वन्यजीव संरक्षण और त्रिदेव परिवार दर्शन की थीम पर झांकी तैयार की है। समिति के गणेश प्रसाद शर्मा के अनुसार झांकी के माध्यम से ‘शेर बचेगा तो जंगल बचेगा, जीवन बचेगा’ का संदेश दिया जाएगा।
वृंदावन धाम होली खेलते भगवान राधा-कृष्ण झांकी में देंगे दर्शन बाल समाज ने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी की मनमोहक झांकी तैयार की है। 8 फीट की विशाल मूर्ति और वृंदावन का जीवंत दृश्य होगा। बाल समाज के संयोजक दामू भूतड़ा एवं विसर्जन झांकी प्रभारी मनीष खण्डेलवाल ने बताया झांकी में राधा-कृष्ण के अलौकिक होली महोत्सव को दर्शाया गया है। मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण की 8 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा है, जिसमें वृंदावन की रासलीला, गोपियों और भक्तों के साथ रंगों व गुलाल की होली खेलते हुए दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं। बाल समाज के अध्यक्ष नीरज पोरवाल ने कहा झांकी का उद्देश्य भक्ति, भाईचारा और आनंद का संदेश फैलाना है।
