राजनांदगांव | ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन में शुक्रवार को खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य मुनिश्री समयप्रभ सागर ने कहा कि जब तक शांति न मिलेगी तब तक हम चैन से नहीं जी सकते। हम अक्सर कहते रहते हैं कि हम चैन से जीना चाहते हैं किंतु वास्तविकता में हम कभी भी चैन से नहीं जी पाते। मन में शांति का होना जरूरी है। दुखी व्यक्ति ना तो खुद का विश्वास करता है और नहीं किसी दूसरे का विश्वास कर पाता है। आप वितराग परमात्मा पर विश्वास रखो। नीति शास्त्र कहती है कि बुजुर्गों पर कभी हमला नहीं करना चाहिए।