फोन पर बात करने पर महिला को करते थे प्रताड़ित …
राजनांदगांव l विवाह के बाद ससुराल में पति और सास-ससुर की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाली विवाहिता के मामले में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार साहू ने पति, सास और ससुर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 306/34 के तहत पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं धारा 498क/34 के तहत एक-एक साल के सश्रम कारावास और 500-500 रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के थाना ठेलकाडीह क्षेत्र के ग्राम अमलीडीह का है। अभियोजन के अनुसार, डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सलोनी निवासी मलखम वर्मा की बेटी मुकेश्वरी वर्मा का विवाह मई 2020 में अमलीडीह निवासी धनंजय वर्मा के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। पति धनंजय, सास दशमत वर्मा और ससुर भावसिंह वर्मा उसे प्रताड़ित करने लगे। उस पर घर में खाना नहीं बनाने, कामकाज ठीक से नहीं करने और फोन पर हमेशा बात करते रहने का आरोप लगाते थे। कीटनाशक सेवन करने से उसकी मौत हो गई।
ठेलकाडीह पुलिस ने की थी पूरे मामले की जांच ठेलकाडीह पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पति धनंजय वर्मा (24), सास दशमत वर्मा (50) और ससुर भावसिंह वर्मा (55), निवासी ग्राम अमलीडीह के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामला न्यायालय में पेश किया गया। 28 अक्टूबर को अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
