CG : पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत! अब घर बैठे ₹70 में बनेगा जीवन प्रमाण पत्र, डाकिया करेगा पूरा काम …
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें बार-बार बैंक या सरकारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डाक विभाग और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की डोरस्टेप सेवा के जरिए पेंशनभोगी अपने घर पर ही मात्र 70 रुपये में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। इस सुविधा के तहत डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक पेंशनभोगी के घर पहुंचकर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने में मदद करेगा। रायपुर संभाग के प्रवर अधीक्षक डाकघर की ओर से इस सुविधा की जानकारी देते हुए पात्र पेंशनभोगियों से समय पर जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की अपील की गई है।
घर आएगा डाकिया, नहीं जाना पड़ेगा बैंक डाक विभाग की इस सेवा का उद्देश्य उन पेंशनभोगियों को राहत पहुंचाना है, जिन्हें जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बैंक, डाकघर या संबंधित कार्यालय तक जाने में परेशानी होती है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से पेंशनभोगियों के घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक संबंधित पेंशनभोगी के घर पहुंचता है। आवश्यक जानकारी दर्ज करने के बाद आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाता है। सत्यापन सफल होने पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार होता है और उसकी जानकारी संबंधित प्रणाली में दर्ज हो जाती है।
सिर्फ 70 रुपये देना होगा शुल्क इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक तैयार होने पर 70 रुपये का शुल्क लिया जाता है। इसमें जीएसटी और लागू सेस शामिल हैं। इस सेवा के लिए अलग से डोरस्टेप शुल्क नहीं लिया जाता है। इससे पेंशनभोगियों को घर बैठे कम खर्च में आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने की सुविधा मिलती है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को बड़ी राहत डाक विभाग की यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और ऐसे पेंशनभोगियों के लिए उपयोगी है, जिन्हें स्वास्थ्य या शारीरिक परेशानी के कारण घर से बाहर निकलने में कठिनाई होती है। कई वरिष्ठ नागरिकों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए बैंक या कार्यालय तक पहुंचने में परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता लेनी पड़ती है। घर पर डाकिया पहुंचने की सुविधा से उनकी परेशानी कम हो सकती है।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र क्या है? डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, जिसे ‘जीवन प्रमाण’ (Jeevan Pramaan) भी कहा जाता है, पेंशनभोगियों के लिए आधार आधारित डिजिटल व्यवस्था है। इसका उद्देश्य पेंशनभोगी के जीवित होने का प्रमाण इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराना है। सफल प्रमाणीकरण के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार होता है, जिसे संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त कर सकती है। इससे पात्र पेंशनभोगियों को प्रमाण पत्र की कागजी प्रति जमा करने के लिए अलग से कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो जाती है।
जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए क्या-क्या चाहिए? डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पेंशनभोगी को कुछ आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होती है। इसमें आधार नंबर, नाम, मोबाइल नंबर, पेंशन भुगतान आदेश (PPO) नंबर, पेंशन खाते की जानकारी और संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी का विवरण शामिल है। प्रक्रिया के दौरान आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जाता है। जानकारी सही होना आवश्यक है, क्योंकि गलत विवरण दर्ज होने पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र संबंधित प्राधिकरण द्वारा अस्वीकार किया जा सकता है। कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ? इच्छुक पेंशनभोगी अपने नजदीकी डाकघर, डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक से संपर्क कर सकते हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की डोरस्टेप सेवा के लिए आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर 155299 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सेवा का अनुरोध करने के बाद उपलब्धता के अनुसार डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक घर पहुंचकर प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। पेंशनभोगियों को सलाह दी गई है कि वे अपने पेंशन संबंधी दस्तावेज और आवश्यक जानकारी पहले से तैयार रखें।नक्शे देखें समय पर जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की अपील डाक विभाग ने पात्र पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना जीवन प्रमाण पत्र बनवाएं। डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाकर पेंशनभोगी बैंक और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बच सकते हैं। विशेष रूप से ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, जो अकेले रहते हैं या जिन्हें आने-जाने में कठिनाई होती है। घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की यह व्यवस्था पेंशनभोगियों के लिए सुविधाजनक विकल्प है।
