CG : कर्मचारियों को बड़ी सौगात! अब कैशलेस होगा इलाज, सरकार ने जारी किए नए नियम; यहां देखें ….
रायपुर : छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नई व्यवस्था के संचालन और क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे प्रदेश के पात्र सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भविष्य में सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होकर निर्धारित नियमों के तहत बिना अग्रिम नकद भुगतान के इलाज कराने की सुविधा मिल सकेगी। राज्य सरकार ने इस व्यवस्था के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रितों हेतु कैशलेस चिकित्सा सुविधा (संचालन एवं क्रियान्वयन) दिशा-निर्देश, 2026’ जारी किए हैं। इसका उद्देश्य इलाज के दौरान कर्मचारियों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना और चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़ी लंबी प्रक्रिया को आसान बनाना है।
अब इलाज के लिए पहले बड़ी रकम खर्च करने की परेशानी होगी कम वर्तमान में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (चिकित्सा परिचर्या) नियम, 2013 के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। इसके तहत कर्मचारियों को कई मामलों में इलाज का खर्च पहले स्वयं उठाना पड़ता है। उपचार के बाद आवश्यक दस्तावेजों और मेडिकल बिलों के आधार पर प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। नई कैशलेस व्यवस्था प्रभावी होने पर अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने वाले पात्र कर्मचारियों को निर्धारित सीमा के भीतर इस परेशानी से राहत मिल सकेगी। योजना का लाभ कर्मचारियों के साथ नियमों के अनुसार पात्र उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा।
ई-हेल्थ कार्ड से होगी कर्मचारियों की पहचान कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ लेने के लिए ई-हेल्थ कार्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कर्मचारियों की पहचान उनकी Employee ID के आधार पर की जाएगी। वहीं आश्रित परिवार के सदस्यों की पात्रता का सत्यापन आधार और अन्य जरूरी दस्तावेजों के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों द्वारा पात्रता का परीक्षण और अनुमोदन किए जाने के बाद ई-हेल्थ कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। डिजिटल व्यवस्था विकसित करने में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की तकनीकी सहायता ली जाएगी। इस व्यवस्था से कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों की पहचान, उपचार की स्वीकृति और चिकित्सा संबंधी भुगतान की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस इलाज, OPD के नियम अलग नई व्यवस्था में अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले इलाज यानी IPD को मुख्य रूप से कैशलेस सुविधा के दायरे में रखा गया है। पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। हालांकि, सामान्य ओपीडी उपचार के लिए कैशलेस सुविधा का प्रावधान अलग है। ओपीडी में होने वाले चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति पहले की तरह लागू नियमों के अनुसार की जाएगी। इसका अर्थ है कि नई व्यवस्था के तहत हर तरह का इलाज पूरी तरह मुफ्त या कैशलेस नहीं होगा। लाभ की पात्रता, उपचार की प्रकृति और निर्धारित भुगतान सीमा को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
इलाज की खर्च सीमा निर्धारित, अतिरिक्त राशि स्वयं देनी होगी दिशा-निर्देशों में इलाज के भुगतान की सीमा भी तय की गई है। इसके अनुसार CGHS की बी-1 श्रेणी के शहरों के लिए निर्धारित पैकेज दर अथवा अस्पताल के वास्तविक उपचार खर्च में से जो राशि कम होगी, उसी के आधार पर देय भुगतान निर्धारित किया जाएगा। यदि उपचार का खर्च निर्धारित सीमा से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि का भुगतान संबंधित कर्मचारी को करना पड़ सकता है। इसलिए कर्मचारियों के लिए अस्पताल में उपचार शुरू होने से पहले पैकेज दर, अनुमोदन और संभावित अतिरिक्त खर्च की जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण होगा। 24 घंटे शिकायत सुविधा की भी तैयारी योजना के संचालन के दौरान कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों के समाधान के लिए 24 घंटे संचालित होने वाले टोल-फ्री कॉल सेंटर और ऑनलाइन शिकायत व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इससे पात्रता सत्यापन, ई-हेल्थ कार्ड, अस्पताल में कैशलेस सुविधा और भुगतान संबंधी शिकायतों का समाधान करने में मदद मिल सकेगी। योजना के प्रभावी संचालन के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय तथा डिजिटल निगरानी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। कर्मचारियों को अब ई-हेल्थ कार्ड और अस्पतालों की सूची का इंतजार सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद अब कर्मचारियों की नजर योजना के वास्तविक क्रियान्वयन पर है। ई-हेल्थ कार्ड बनाने की प्रक्रिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत, सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने पर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज का लाभ मिलना शुरू होगा। फिलहाल नई व्यवस्था के संचालन की रूपरेखा सामने आई है। ऐसे में कर्मचारियों को आधिकारिक पोर्टल, अस्पतालों की सूची और योजना शुरू होने संबंधी अगली सरकारी सूचना का इंतजार करना होगा। सरकार की यह पहल लागू होने के बाद गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
