रायपुर में साल 2023 में 9692 अपराध दर्ज हुए हैं। इनमें 63 हत्या और 214 दुष्कर्म के मामले हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि पिछले साल की अपेक्षा अपराध में 9.08 प्रतिशत की कमी आई है। 2022 में 10 हजार 880 दर्ज हुए थे, जो कि इस बार की अपेक्षा 988 ज्यादा हैं।
दरअसल, रायपुर पुलिस की ओर से बुधवार को साल भर का आपराधिक आंकड़ा जारी किया गया। इसके मुताबिक, हत्या के प्रयास में 90, लूट के 87, डकैती का एक, यौन उत्पीड़न के 40, आगजनी के 34 और बलवा के 116 प्रकरण दर्ज हुए हैं। हालांकि पेंडिंग केसों की संख्या भी बढ़ी है।
धोखाधड़ी के 106 मामले सुलझे, 236 अब भी पेंडिंग
जिले में साल 2023 में धोखाधड़ी के 342 प्रकरण दर्ज हुए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठगी, जमीन और नौकरी लगाने के ये मामले में हैं। इनमें से 106 प्रकरण पुलिस ने सुलझाए है। वहीं 236 मामले अभी पेंडिंग में पड़े हुए हैं।
वर्ष 2023 का आंकड़ा एक नजर में
| अपराध | संख्या |
| हत्या | 63 |
| हत्या का प्रयास | 90 |
| बलात्कार | 214 |
| अपहरण | 462 |
| डकैती | 1 |
| लूट | 87 |
| नकबजनी | 505 |
| चोरी | 1587 |
| बलवा | 116 |
| अमानत में ख़यानत | 60 |
| धोखाधड़ी | 342 |
| शील भंग | 157 |
| यौन उत्पीड़न | 40 |
| दहेज प्रताड़ना | 136 |
2023 में इन अपराधों में हुआ इजाफा
वर्ष 2023 में अपराध का ग्राफ कम हुआ है, लेकिन अपहरण, बलवा, अमानत में ख़यानत, आगजनी, यौन उत्पीड़न जैसे मामले बढ़े हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अपहरण में 5.48, बलवा में 20.83, ख़यानत में 46.34, आगजनी 13.33 और यौन उत्पीड़न 2.56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
पेडिंग केसों ने बढ़ाई अफसरों की परेशानी
वर्ष 2023 में 2022 की अपेक्षा अपराध तो कम हुआ है, लेकिन केस साल्व करने में अफसर साल भर परेशान रहे। अभी भी कई मामलों में जांच जारी है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में हुए 2636 मामले अभी भी पेडिंग पड़े हुए हैं। अफसर इन प्रकरणों का जल्द से जल्द साल्व करने का दावा कर रहे हैं।
वर्ष 2022 का आंकड़ा एक नजर में
| अपराध | संख्या |
| हत्या | 75 |
| हत्या का प्रयास | 124 |
| बलात्कार | 266 |
| अपहरण | 438 |
| डकैती | 7 |
| लूट | 110 |
| नकबजनी | 630 |
| चोरी | 1966 |
| बलवा | 96 |
| ख्यानत | 41 |
| धोखाधड़ी | 359 |
| शीलभंग | 170 |
| यौन उत्पीडन | 39 |
| दहेज प्रताडना | 180 |

सरप्राइज चेकिंग के दौरान युवकों की जांच करते हुए पुलिस अधिकारी।
911 हथियार आरोपियों से बरामद किए
वर्ष 2023 में आर्म्स एक्ट के मामलों में 14 फीसदी का इजाफा हुआ है। 883 प्रकरणों में 891 आरोपियों से 911 हथियार बरामद किए गए। इनमें 853 चाकू, 19 तलवार, चार रिवाल्वर, सात देशी कट्टा, चार गुप्ती, 21 कारतूस, दो गंडासा और एक 315 बोर की राइफल शामिल है। 2022 में आर्म्स एक्ट के 754 प्रकरणों में 764 आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई थी।
सटोरियों- शराबियों पर एक्शन, जुआरी कम पकड़े
2022 की अपेक्षा 2023 में जुआ एक्ट के मामलों का ग्राफ गिरा है। वर्ष 2023 में सट्टा के 413 प्रकरणों में 478 आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई। इन आरोपियों से 24 लाख 22 हजार 221 रुपए जब्त किए गए। 2022 में 423 प्रकरणों में 495 सटोरियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी।
इसी तरह से आबकारी एक्ट के तहत 4423 प्रकरणों में 4496 आरोपियों पर कार्रवाई की गई। जबकि 2022 में 3249 प्रकरणों में 3284 पर कार्रवाई हुई थी। वहीं जुआ के 164 प्रकरणों में 694 पर कार्रवाई हुई, जो कि 2022 से 60 प्रतिशत कम है।

गांजा तस्करी के आरोप में इन आरोपियों को पकड़ चुकी है पुलिस।
1 करोड़ से ज्यादा की नशीली सामग्री जब्त की पुलिस ने
2023 में नारकोटिक्स के 213 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 303 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों से 1 करोड़ 76 लाख 40 हजार 376 रुपए की नशीली सामग्री जब्त की है। जो सामग्री जब्त की गई है, उसमें गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन, चरस, एमडीएमए, नशीली टैबलेट, सिरप, मैजिक मशरुम और डोडा शामिल है।
इन नशीली सामग्रियों को इतनी मात्रा में जब्त किया पुलिस ने
| नशीली सामग्री | प्रकरण | गिरफ्तारी | जब्ती मात्रा | कुल कीमत |
| गांजा (किग्रा) | 168 | 235 | 1453.427 किग्रा. | 14534270 |
| अफीम (ग्राम) | 3 | 3 | 1.412 किग्रा | 45100 |
| ब्राउन शुगर (ग्राम) | 2 | 4 | 108.10मिग्राम | 1027000 |
| हेरोईन | 4 | 6 | 114.200 मि.ग्रा. | 1014666 |
| चरस | 3 | 5 | 230 ग्रा | 89250 |
| एमडीएमए | 1 | 1 | 12 ग्राम | 120000 |
| नशीली टेबलेट | 20 | 32 | 14448 नग | 395315 |
| सिरप | 9 | 15 | 2273 बॉटल | 369775 |
| मैजिक मशरुम | 1 | 0 | 0.67 मिग्रा | 10000 |
| डोडा | 2 | 2 | 9.8 मिग्रा4.500किग्रा | 35000 |

नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी।
नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से 8 करोड़ से ज्यादा जुर्माना वसूला
यातायात नियमों का उल्लंघन पर 30 दिसंबर तक 1 लाख 8 हजार 226 प्रकरणों में कुल 8 करोड़ 64 लाख 8 हजार 950 रुपए समन शुल्क वसूला गया है। वहीं 2022 में 88 हजार 183 प्रकरणों में 4 करोड़ 77 लाख 70 हजार 400 रुपए समन शुल्क नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों से वसूला था।
इस नियम का उल्लंघन होने पर इतना चालान कटे
| चालान शीर्ष | 2022 | 2023 |
| दोपहिया में बिना हेलमेट वाहन चालन | 25789 | 36157 |
| शराब सेवन कर वाहन चालन | 328 | 584 |
| बिना सीट बेल्ट बांधे वाहन चलाना | 4248 | 3129 |
| गलत दिशा में वाहन चालन | 2506 | 14449 |
| अवैधानिक पार्किंग, सर्विस रोड एवं मुख्य मार्ग में | 20616 | 23768 |
| मोबाइल से बात करते हुए वाहन चालन करना | 2222 | 2189 |
