रायपुर में पटाखों का बाजार सज चुका है। इस बार दिवाली के लिए कई नए तरह के पटाखे बाजार में आए हैं। ब्रांडेड बीयर केन में अनार और ड्रोन पटाखे भी हैं। सोशल मीडिया के रील्स में अक्सर दिखने वाले चाइनीज हैंड स्काई शॉट भी मिल रहे हैं। प्रशासन ने इन पटाखा दुकानों में किसी भी तरह की घटना से बचने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

राजधानी के लाखे नगर स्थित ईदगाह भाठा में लगे पटाखा मार्केट के दुकानदार सन्नी संतवाणी ने बताया कि, इस बार ब्रांडेड बियर केन वाले अनारदाने आए है। इसमें ऊपर ओरिजिनल बियर केन की तरह टीन की चादर है। जिसे खोलते ही पटाखे की बत्ती बाहर आएगी। यह करीब 1 मिनट तक जलेगा। जिसमें स्टार और अलग-अलग रंगों की रोशनी बिखेरेगा। एक अनारदाने की कीमत 300 रुपए है।
288 और 388 हैंड स्काई शॉट्स
सोशल मीडिया पर अक्सर लड़के हाथ में स्काई शॉट पकड़कर रील्स बनाते हुए नजर आते हैं। हाथ में पकड़कर फोड़ने वाले 288 और 388 शॉट्स मार्केट में आए हैं। इसको रोशनी वाली लाइट की तरह पकड़कर जलाना होगा। इसमें कंटीन्यू 288 और 388 बार शॉट्स निकलेंगे। दुकानदार ने बताया कि, इसमें किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
बाजार में यह पटाखे भी
लुक अप ड्रोन- तेज आवाज के साथ जलने वाला यह पटाखा ड्रोन की तरह आसमान में उड़ेगा। फिर वहां से वह रोशनी बिखेरेगा। इसकी कीमत 150 रुपए है।
वॉलकेनो पटाखा- इसे जलाने में यह जमीन से आसमान की तरफ एक टाइम में तीन बार फायर होगा। जो अलग-अलग दिशाओं में होगा। यह टोटल 7 राउंड फायर करेगा। इसकी कीमत 3800 रुपए है।
फायर एग- इस पटाखे में मुर्गे का फोटो बना हुआ है। इसे जलाते ही पीछे की तरफ से बड़ा बैलून बाहर आएगा, फिर यह आगे की ओर बढ़ेगा। इसकी कीमत 150 रुपए है।
हाई रेंज स्काई शॉट- यह 1400 का सिंगल स्काई शॉट है। जिसमें 5 इंच का शेल डला हुआ है। यह काफी दूरी तक आसमान में जाकर जमीन पर रोशनी बिखेरता है।
लेजर शो- इसमें इलेक्ट्रिक लेजर की तरह लंबी दूरी तक तेज रोशनी निकलेगी।

पटाखा दुकानों को लेकर गाइडलाइन भी जारी
रायपुर नगर निगम ने लाखे नगर स्थित ईदगाह भाटा में करीब 100 फटाखा दुकानें आवंटित की है। इन दुकानों के लिए निगम की ओर से कई निर्देश भी दिए गए हैं। यहां जिले का सबसे बड़ा पटाखा मार्केट लगाया जाता है। लोग पटाखे की खरीदारी करने पहुंचते हैं।
इस बार पटाखों की करीब 50 स्टॉल्स लगी हैं। जिनमें कई वैराइटी के पटाखे उपलब्ध है। नगर निगम स्टॉल के लिए जगह उपलब्ध कराता है, फिर लॉटरी सिस्टम से स्टॉल्स आवंटित की जाती है।

50 मीटर के भीतर आतिशबाजी पर मनाही
खतरे को देखते हुए यहां हर दुकानदार के लिए अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य है। इसके अलावा पानी भरने के लिए 200 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था भी करनी होगी। दुकान टीन के चादरों की बनेगी। साथ ही नगर निगम की तरफ से यहां फायर ब्रिगेड उपलब्ध रहती है। आसपास 50 मीटर के दायरे में कोई आतिशबाजी न करे, इसका ध्यान रखने के लिए दिन-रात पुलिस जवान तैनात रहते हैं।
E-क्रैकर्स और ग्रीन पटाखों के बारे में पढ़िए
धनतेरस, दिवाली और छठ। फिर शादियों का सिलसिला। त्योहारों के अलग-अलग रंग होंगे तो जाहिर है, इस मौके पर आप अपने परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ खुशी बांटने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेंगे। ऐसे में पटाखे भी जरूर छोड़े जाएंगे। बाजार में पॉल्यूशन और आवाज को कंट्रोल करने के लिए E-क्रैकर्स और ग्रीन पटाखे भी है।
E-क्रैकर्स रिमोट के जरिए छोड़े जाने वाले क्रैकर्स हैं। यानी रिमोट का बटन दबाया और पटाखे जल उठेंगे। भारत में E-लड़ी, E-अनार, E-स्पार्कल पटाखे तैयार किए गए हैं। जिस तरह सामान्य पटाखे या ग्रीन पटाखे हैं वैसे ही ये पटाखे भी साउंड करते हैं, रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरते।
E-पटाखों में धुआं नहीं होता और न ही PM2.5 ही निकलता है। इन पटाखों को काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (CSIR) और नेशनल एन्वॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) ने मिलकर तैयार किया है।|
