राजनांदगांव, गायत्री विद्या मंदिर (हिन्दी माध्यम) में विज्ञान प्रदर्शनी एवं बाल मेला का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने विभिन्न आकर्षक मॉडल बनाये। आदित्य को बड़े ही रोंचक ढंग से सूर्य की परिक्रमा करके जानकारी जुटाते हुये दिखाया गया। राम मंदिर एवं प्रेम मंदिर की विशेष बनावट को मॉडल के माध्यम से दिखाकर मंदिर के इतिहास की जानकारी दिया गया। छत्तीसगढत्र की लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, नृत्य खेल और व्यंजन विशेष आकर्षण का केन्द्र था मॉडल में सरकस सभी को लुभा रहें थे, जिसमें मौत का कुऑ जोकर का खेल, हाथी का करतब सभी के मन को आनंदित किया। बच्चों द्वारा बनाये गयें कलाकृति क्रॉफ्ट की पालको ने विशेष सराहना की। बच्चों ने मेले को आनंदमय बनाने के लिए गुपचुप, भेल, चनाचटपटी, पकोड़े, इडली, ढोकला आदि मजेदार व्यंजनों की स्टॉल लगाया।
बाल मेला को यादगार बनाने के लिए सेल्फि जोन भी बनाया गया। जिसमें बस्तर आर्ट दिखाया गया था। पालक बच्चों के साथ सेल्फि लेकर यादों को कमरे में समेट रहें थे।
संस्था के अध्यक्ष बृज किशोर सुरजन, सचिव गगन लड्ढा, सहसचिव निकुंज सिंघल, कोषाध्यक्ष सूर्यकान्त चितलांग्या, संरक्षक नंद किशोर सुरजन, संस्कृतिक प्रभारी हरीश गाँधी जी, एकेडमिक प्रभारी अमित उत्तलवार, प्रशासक अनिल बाजपेयी विद्याा लय के प्राचार्य सीमा श्रीवास्तव , उपप्राचार्य तामेश्वरी साहू ने आकर्षक मॉडल बनाने के लिए बच्चो को बधाई दी।
