रायपुर। भिलाई नगर निगम के वार्डों के परिसीमन के खिलाफ हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका को बिलासपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। सभी पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने परिसीमन को सही ठहराया है। इसके साथ ही सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब भिलाई निगम के चुनाव का रास्ता भी साफ हो गया है।
वहीं, फैसले से असंतुष्ट याचिकाकर्ता ने इसे हाईकोर्ट की डबल बेंच में जाने की बात कही है। बता दें कि जिला प्रशासन से छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 वार्डों का विस्तार नियम 1994 के तहत किए परिसीमन को निगम के कुछ निवर्तमान पार्षद रिंकू राजेश प्रसाद, पीयूष मिश्रा, वशिष्ठ नारायण मिश्रा, शाहीन अख्तर, जय प्रकाश यादव और पूर्व पार्षद संजय दानी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
सभी जनप्रतिनिधियों ने व्यक्ति विशेष को राजनीतिक फायदा पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध और अवैधानिक तरीके से परिसीमन करने का आरोप लगाया था। इसे कोर्ट में चुनौती देते हुए उन्होंने नए सिरे से परिसीमन कराए जाने की मांग की थी। लंबी बहस के बाद 27 जनवरी को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को कोर्ट का फैसला आया है। जिसमें हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन द्वारा किए परिसीमन को सही ठहराया है। इसके बाद अब भिलाई निगम के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। यदि कोई आपत्ति नहीं लगी तो जल्द ही वार्ड आरक्षण के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह भी संभावना जताई जा रही है कि रिसाली व भिलाई चरोदा और जामुल के साथ ही भिलाई निगम का भी चुनाव करा लिया जाएगा। यहां उल्लेखनीय है कि भिलाई निगम के 13 वार्डों को अलग कर रिसाली निगम बनाए जाने के बाद भिलाई निगम का फिर से परिसीमन किया गया था।
‘अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है। प्रति मिलने के बाद उसका अवलोकन करेंगे कि हाईकोर्ट ने किस आधार पर आपत्ति को खारिज की है। इसके बाद अपने अधिवक्ता से विचार कर फिर से डबल बेंच में अपील करेंगे।
-पीयूष मिश्रा, पार्षद व याचिकाकर्ता
